अंतरराष्ट्रीयएक्सक्लूसिव खबरेंसायबर क्राइम से सावधान

सरकार साइबर सुरक्षा का दावा करती है, पर इंटरनेट पर अपराध बेलगाम।

डिजिटल क्रांति या डिजिटल बर्बादी? आने वाली पीढ़ी खतरे में!

  • क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क।

मनोज कुमार सोनी। नई दिल्ली। सोशल मीडिया पर अश्लीलता, हिंसा और जहर का अड्डा…सरकार की हिदायत और कानून को भी दिखाया ‘ठेंगा’! सरकारी दावे हवा हवाई  सोशल मीडिया पर बेकाबू गंदगी का बोलबाला सरकार दावा करती है कि साइबर क्राइम से निपटने के लिए कड़े कानून हैं आईटी एक्ट, मॉनिटरिंग सिस्टम, साइबर हेल्पलाइन उपलब्ध बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता लेकिन हकीकत? फेसबुक, इंस्टाग्राम, यूट्यूब, स्नैपचैट, टेलीग्राम, ट्विटर (एक्स) सब जगह अश्लीलता, नफरत, धोखाधड़ी, हिंसा बिना रोकटोक परोसी जा रही है।देशद्रोही कंटेंट तक वायरल हो जाता है और सिस्टम को खबर भी नहीं लगती! कंपनियाँ कमाई में मशगूल — जिम्मेदारी किसकी?सोशल मीडिया कंपनियाँ… रिपोर्ट पर देर से कार्रवाई एल्गोरिदम घटिया और गंदे कंटेंट को ज्यादा प्रमोट Moral Responsibility = 0 Money Making Priority = 100

जितनी गंदगी… उतना वायरल… उतनी कमाई!”इसे क्या कहें? व्यापार या समाज का विनाश? सरकार भी सवालों के घेरे में क्या बच्चों के भविष्य का ठेका सिर्फ माता-पिता का?कानून बना दिया, लेकिन लागू किसने करना है? साइबर पुलिस की संख्या बढ़ाई किसने?ऑनलाइन निगरानी कौन करे?सरकार का रवैया ऐसा जैसे जिम्मेदारी घोषणा पत्र में पूरी हो जाती है!

System का ‘Slow Motion’ — अपराध का ‘Fast Forward’! शिकायत पर एक्शन में देरी हर जिले में साइबर विशेषज्ञ नहीं Monitoring Tools पुराने Cross-Border Content पर हाथ कमजोर इसी का फायदा उठाकर

सोशल मीडिया के अपराध बेधड़क फैल रहे हैं। किसे बचाएं  कौन बचाए?बच्चों के दिमाग में चल रहा डिजिटल वायरस: Pornographic Exposure,Crime Imitation,Depression & Anxiety,Violent Thought Process,Obsession of Fame,Gambling / Betting Trap,Dark Web Gateways अगर यह पीढ़ी बिगड़ गई तो आने वाले 20 साल का देश खतरे में! गांव-गांव में Smartphone… लेकिन Guidance शून्य!भारत आज सबसे ज्यादा युवा, सबसे तेजी से बढ़ता इंटरनेट यूजर देश,परन्तु ज़ीरो डिजिटल नैतिक शिक्षा,ज़ीरो कंटेंट सेफ्टी स्किल,ज़ीरो अभिभावकीय नियंत्रण

नतीजा अज्ञान + इंटरनेट = अपराध का शॉर्टकट प्लेटफ़ॉर्म्स पर विदेशी शासन भारत में अराजकता,भारतीय कानून की अवहेलना,डेटा कंट्रोल विदेश में,भारत की संस्कृति को चोट,विदेशी कंपनियों का राज

यह तो डिजिटल उपनिवेशवाद जैसा खतरा है! Influencers—संस्कार भस्म करने की फैक्ट्री! आजकल: रिश्तों का मज़ाक,महिलाओं का शोषण,Obscene Challenge, Weapon Culture, गाली-गलौज Entertainment,Body Shaming,Fraud Business Promotion, ऐसे कंटेंट से बच्चे सीख रहे शराफत नहीं—शरारत और अपराध! जनता को भी अपनी भूमिका निभानी होगी! समाज भी दोषी है।

अश्लील कंटेंट पर तालियाँ देश-विरोधी व्यूज पर गर्व हिंसक वीडियो पर वाहवाही गलत को सही साबित करने की जिद समाज अगर दर्शक बन जाए तो अपराधी ही स्टार बन जाते हैं। अब निर्णय का समय, सरकार कठोर कानून + सख़्त लागू करे, कंपनियाँ जवाबदेही स्वीकार करें, पुलिस तकनीक और स्टाफ मजबूत करे, माता-पिता बच्चों की डिजिटल परवरिश करें, समाज देखने और वायरल करने की मानसिकता बदले वरना आने वाला कल डिजिटल अपराध की राजधानी  भारत कहलाएगा। “हम सच कहेंगेजो कड़वा है वही देश को जगाएगा।”

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