उत्तराखंड सरकार द्वारा 1300 स्वास्थ्य कर्मियों की भर्ती का निर्णय राज्य की स्वास्थ्य अवसंरचना के लिए महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

पहला कारण — राज्य की भौगोलिक स्थिति।
उत्तराखंड का बड़ा हिस्सा पर्वतीय है, जहाँ स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाना चुनौतीपूर्ण होता है। डॉक्टरों और नर्सों की कमी लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इस भर्ती से ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों को मजबूती मिलेगी।
दूसरा कारण — कोविड-19 के बाद स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार की आवश्यकता।
महामारी ने दिखाया कि प्रशिक्षित मानव संसाधन का अभाव सबसे बड़ी कमजोरी हो सकती है। नए डॉक्टरों और नर्सों की नियुक्ति से यह कमी काफी हद तक पूरी होगी।
तीसरा कारण — युवाओं को रोजगार देना।
सरकारी नौकरियों की सीमित संख्या के बीच यह भर्ती युवा वर्ग के लिए बड़ा अवसर है। राज्य के सैकड़ों चिकित्सा और नर्सिंग संस्थानों से निकलने वाले युवाओं को अब अपने ही राज्य में सेवा का मौका मिलेगा।
चौथा कारण — पारदर्शिता और जवाबदेही।
बायोमैट्रिक उपस्थिति प्रणाली का लागू होना प्रशासनिक सुधार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे फर्जी उपस्थिति पर रोक लगेगी और कार्य दक्षता बढ़ेगी।
संपूर्ण रूप से देखें तो यह पहल न केवल स्वास्थ्य क्षेत्र के ढाँचे को सुदृढ़ करेगी, बल्कि सामाजिक विश्वास और राज्य की प्रशासनिक क्षमता दोनों को मजबूत करेगी।



