क्राइम समाचारसफ़ेद कोर्ट के काले कारनामे

415 करोड़ का अवैध साम्राज्य उजागर आतंकियों को ‘सेफ हाउस’ देने वाला विदेश भागने की फिराक में था!

ब्रेनवॉश कर बना रहे थे स्लीपर सेल! नूंह हिंसा से भी लिंक मिले।

क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क | मनोज कुमार सोनी  दिल्ली ब्लास्ट के आतंकियों को पनाह देने वाले फरिदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी के चेयरमैन जावेद सिद्दीकी की अवैध कमाई का काला चेहरा पूरी तरह सामने आ गया है। ED और इनकम टैक्स की जांच में खुलासा — फर्जी ट्रस्ट, हवाला और शेल कंपनियों के जरिए 415.10 करोड़ रुपये की अवैध कमाई। जांच एजेंसियो से बताया कि अगर गिरफ्तारी देर से होती… तो जावेद देश छोड़कर फरार हो चुका होता!  आतंकवादी डॉक्टर उमर की गिरफ्तारी ने खोला राज नूंह में छापेमारी के दौरान दिल्ली में कार बम हमले की साजिश रचने वाला डॉ. उमर पकड़ा गया। वह 10 दिन तक एक कमरे में बंद, अंधेरे में रहा…टॉयलेट तक फर्श पर कर रहा था, ताकि कोई आवाज बाहर न जाए। 7 नवंबर को जब पुलिस पहुंची तो वह आई20 कार में भागने की तैयारी में मिला।🔹 उसके मोबाइल-लैपटॉप से जावेद के साथ सीधे लिंक मिले🔹 आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे🔹 धमाके की नई साजिश के संकेत मिले।

कैसे बना जावेद का अवैध साम्राज्य फर्जी एनजीओ/ट्रस्ट जमीन पर कब्जा और डोनेशन की आड़, शेल कंपनियां कैश को काले से सफेद करना, छात्रों से मनमानी वसूली करोड़ों की कमाई, हवाला नेटवर्क पैसे को विदेश भेजना, संदिग्ध विदेशी फंडिंग देशविरोधी गतिविधियों की आशंका, इनकम टैक्स रिपोर्ट के अनुसार जावेद के खिलाफ फर्जी सिग्नेचर, असत्यापित खातों, और विदेशी ट्रांजेक्शन छिपाने के पुख्ता सबूत मिले हैं। नूंह हिंसा में पकड़े गए कई युवकों के पास अल-फलाह यूनिवर्सिटी ID कार्ड मिले थे। “पढ़ाई की आड़ में यहां गलत कामों को शरण मिली।”स्थानीय लोगों का बड़ा आरोप

क्या जावेद और उमर हरियाणा-दिल्ली में स्लीपर सेल खड़ा कर रहे थे?  एजेंसियों के अनुसार अल-फलाह से जुड़े 10 कर्मचारी  अचानक फरार हो गए  जिनमें 3 युवक कश्मीर से आए थे उनका मोबाइल बंद, पता अज्ञात पुलिस का शक कहीं ये लोग आतंकी मॉड्यूल का हिस्सा तो नहीं?

आगे की कार्रवाई

➖ 50+ बैंक खातों की जांच

➖ 6 देशों में संपर्कों की पड़ताल

➖ संपत्तियों और कैश का रिकॉर्ड जब्त

➖ यूनिवर्सिटी की मान्यता पर संकट

सरकारी एजेंसियां हाई-अलर्ट पर इस केस को राष्ट्रीय सुरक्षा के सबसे संवेदनशील मामलों में गिना जा रहा है।कभी भी और बड़े खुलासे हो सकते हैं…जावेद का नेटवर्क कितना गहरा और कहाँ तक फैला?यह आने वाली रिपोर्टों में स्पष्ट होगा।

भारत में रहकर भारत के खिलाफ साजिश गद्दारी की इंतिहा! सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि ये लोग भारत की हवा, पानी, जमीन और सुविधाओं का इस्तेमाल करते हैं…यहाँ रहते-खाते हैं, यहीं की शिक्षा, यहीं का बिजनेस, यहीं का पैसा कमाते हैं लेकिन साजिश रचते हैं भारत को कमजोर करने की! यह वही कृतघ्न सोच है जो राष्ट्र के खिलाफ खड़े होने की हिम्मत करती है, जबकि देश उन्हें जीने का अधिकार देता है।  “जिस मिट्टी में जन्म लिया, उसी को जख्म देने वाले देश के नहीं हो सकते!” डॉ. उमर जैसे लोग मासूम युवाओं को जन्नत के नाम पर जहन्नुम के रास्ते पर धकेल देते हैं।नूंह, दिल्ली, यूपी, राजस्थान…जहाँ भी मौका मिला, आतंकी नेटवर्क बिछाने की साज़िश।

मानसिकता पर बड़ा सवाल सुरक्षा एजेंसियों का कहना यह सिर्फ अपराध नहीं,मानसिक ज़हर फैलाने का षड्यंत्र है।

• गरीब बच्चों को ब्रेनवॉश

• फंडिंग के लिए धर्म की आड़

• भारत विरोधी सोच का प्रचार

• युवाओं को हथियार और नफरत की ट्रेनिंग

ये लोग चाहते हैं कि भारत अंदर से टूटे, क्योंकि आमने-सामने भारत से टकराने की उनमें ताकत नहीं है!

 

🛑 राष्ट्रविरोधी तत्वों को कड़ी चेतावनी

आज भारत नया भारत है सब्र भी रखता है और दुश्मन के घर में घुसकर जवाब भी देता है! जो यहाँ रहकर यहाँ के खिलाफ काम करेंगे उनके लिए इस जमीन पर कोई जगह नहीं! कानून किसी को भी माफ करने के मूड में नहीं है। जिन्होंने देश से गद्दारी की है वे अब एक-एक कर पकड़े जाएंगे। इस घटना से देश के युवाओं को सीख सही-गलत की पहचान रखें, किसी की बातों में आकर अपना और देश का भविष्य बर्बाद मत करें। भारत एक लोकतांत्रिक, मजबूत और समृद्ध राष्ट्र है। यहाँ हर कोई सपना जी सकता है लेकिन हिंसा और आतंक का रास्ता कभी मंज़िल तक नहीं पहुंचाता।

देश से गद्दारी नहीं चलेगी जावेद और उमर जैसे लोग भारत की शांति और तरक्की को रोकना चाहते हैं, लेकिन इस देश की जनता और सुरक्षा बल,मिलकर हर साजिश को नेस्तनाबूत कर देंगे। “भारत की संप्रभुता और एकता से खिलवाड़ करने वालों को सजा तय है!”अब इस केस की जांच जितनी आगे बढ़ेगी,उतने ही बड़े गुनाह उजागर होते जाएंगे।भारत सहिष्णु है,लेकिन कमजोर नहीं!

 

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