“यदि सच्चा प्यार करता है तो जहर खा लो”—माँ-बाप की अजीब शर्त पर प्रेमी ने ingest कर ली विषाक्त दवा, उसकी मृत्यु

यह घटना छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले के देवपहरी गांव की है, जो न केवल एक प्रेम कहानी का दुखद अंत है, बल्कि यह समाज में प्रेम, विश्वास और पारिवारिक दबावों के प्रभाव को भी उजागर करती है।
प्रेम की शुरुआत
कृष्ण कुमार पंडो, एक 20 वर्षीय युवक, देवपहरी गांव का निवासी था। वह अपनी मेहनत और ईमानदारी के लिए जाना जाता था। कुछ समय पहले उसकी मुलाकात सोनारी की रहने वाली एक लड़की से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो धीरे-धीरे प्रेम में बदल गई। कृष्ण अपनी प्रेमिका से शादी करना चाहता था, और उसने इस बारे में अपने परिवार से भी बात की थी।
लड़की के परिवार का दबाव
जब लड़की के परिवार को इस रिश्ते के बारे में पता चला, तो उन्होंने कृष्ण को घर बुलाया। 25 सितंबर को कृष्ण अपनी प्रेमिका के घर गया, जहां लड़की के परिजनों ने उसे एक अजीब शर्त दी। उन्होंने कहा, “अगर तुम हमारी बेटी से सच्चा प्यार करते हो, तो जहर खाकर दिखाओ।” यह शर्त सुनकर कृष्ण चौंका, लेकिन उसने इसे प्रेम का इम्तिहान समझा और बिना किसी सोच-विचार के जहर खा लिया।
⚰️ दुखद अंत
जहर खाने के बाद कृष्ण की हालत बिगड़ने लगी। उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन 8 अक्टूबर को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। इस घटना ने गांव में सनसनी मचा दी और लोगों को यह सोचने पर मजबूर कर दिया कि क्या प्रेम का इम्तिहान इस तरह लिया जाना चाहिए था।
️♂️ पुलिस की कार्रवाई
कोरबा पुलिस ने इस मामले में जांच शुरू की और लड़की के परिजनों से पूछताछ की। हालांकि, इस मामले में अभी तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है, लेकिन पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
समाज के लिए संदेश
यह घटना यह दर्शाती है कि प्रेम और रिश्तों में विश्वास सबसे महत्वपूर्ण होता है। किसी भी रिश्ते में पारिवारिक दबाव और शर्तों का होना उस रिश्ते की मजबूती को कमजोर करता है। समाज को इस तरह की घटनाओं से सीख लेकर प्रेम और रिश्तों में समझदारी और सम्मान को बढ़ावा देना चाहिए।
यह कहानी एक चेतावनी है कि प्रेम में समझदारी और परिपक्वता आवश्यक है। किसी भी रिश्ते में पारिवारिक दबाव और शर्तों का होना उस रिश्ते की मजबूती को कमजोर करता है। समाज को इस तरह की घटनाओं से सीख लेकर प्रेम और रिश्तों में समझदारी और सम्मान को बढ़ावा देना चाहिए।



