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डीएनए रिपोर्ट ने खोला दिल्ली ब्लास्ट का राज़, डॉ. उमर का नाम आया सामने

नई दिल्ली।
10 नवंबर की शाम लाल किले के पास हुए भीषण विस्फोट की जांच में अब बड़ा खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों द्वारा कराई गई डीएनए रिपोर्ट ने इस बात की पुष्टि कर दी है कि इस आतंकी हमले में डॉ. उमर मोहम्मद शामिल था।

रिपोर्ट के मुताबिक, घटनास्थल से बरामद मानव अवशेषों का मिलान संदिग्ध उमर के परिजनों से लिए गए डीएनए नमूनों से किया गया। परिणाम पूरी तरह से मेल खाते हैं। इससे यह साफ़ हो गया कि उमर न सिर्फ़ हमले की साजिश में शामिल था, बल्कि धमाके के दौरान मौजूद भी था।

सोमवार शाम को हुए इस ब्लास्ट में 12 लोगों की मौत हुई थी, जबकि 27 लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। धमाका लाल किले के मुख्य प्रवेश द्वार से कुछ ही दूरी पर खड़ी एक हुंडई i20 कार में हुआ। प्रारंभिक जांच में यह कार डॉ. उमर के नाम पर पंजीकृत पाई गई थी।

जांच एजेंसियों की पुष्टि

राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) और दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने इस पूरे मामले की जांच संभाली हुई है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार,

“डीएनए रिपोर्ट के आने के बाद अब हमारे पास पुख्ता सबूत हैं कि उमर ब्लास्ट में शामिल था। अब हमारा फोकस बाकी नेटवर्क को पकड़ने पर है।”

उमर की पृष्ठभूमि

डॉ. उमर मोहम्मद दिल्ली के जामिया नगर इलाके का निवासी था और पहले एक प्राइवेट मेडिकल कॉलेज में पढ़ाता था। पिछले दो वर्षों से वह लापता था। माना जा रहा है कि उसने विदेश में किसी संगठन से जुड़कर आतंकी प्रशिक्षण लिया था।

सुरक्षा एजेंसियों की आगे की योजना

अब एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि धमाके की फंडिंग कहाँ से हुई और क्या इसके पीछे कोई अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क सक्रिय है। साथ ही, धमाके में उपयोग किए गए विस्फोटक की पहचान भी कर ली गई है — यह PETN (पेंटाएरीथ्रिटॉल टेट्रानाइट्रेट) था, जो अत्यंत संवेदनशील विस्फोटक है।

जनता में दहशत, पर भरोसा कायम

घटना के बाद दिल्ली के कई क्षेत्रों में सुरक्षा बढ़ा दी गई है। पुलिस लगातार निगरानी रख रही है। लोगों में भय का माहौल है, मगर साथ ही यह विश्वास भी कि सच अब सामने आ रहा है।

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