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दिल्ली धमाके पर श्री श्री का तर्क—उच्च शिक्षा और शांति का सीधा संबंध नहीं

दिल्ली बम विस्फोट के बाद श्री श्री रविशंकर द्वारा दिया गया बयान केवल भावनात्मक प्रतिक्रिया नहीं, बल्कि शिक्षा प्रणाली की एक गहरी समीक्षा भी है। उनका कहना है कि घटना अत्यंत भयानक और खतरनाक है, लेकिन उससे भी अधिक चिंताजनक यह है कि कई बार ऐसे कृत्य करने वाले लोग उच्च शिक्षित होते हैं।

यह सवाल उठाता है—क्या आधुनिक शिक्षा वास्तव में मनुष्य को नैतिक, संवेदनशील और संतुलित बना रही है? रविशंकर इस प्रश्न का उत्तर ‘नहीं’ में देते हैं। उनका तर्क है कि हमारी शिक्षा प्रणाली सूचना तो देती है लेकिन चरित्र नहीं बनाती। यही कारण है कि चिकित्सक जैसे पेशे से जुड़े लोग भी कभी-कभी हिंसक गतिविधियों में शामिल पाए जाते हैं।

यह दृष्टिकोण शिक्षा की भूमिका को पुनःपरिभाषित करने की मांग करता है। शिक्षा को केवल ज्ञान का विस्तार नहीं, बल्कि मानवता और करुणा का संवर्धन भी बनाना होगा।

हाइलाइट्स:

  • विस्फोट पर गहरी चिंता

  • शिक्षित लोगों के अपराध में शामिल होने से सवाल

  • शिक्षा बनाम नैतिकता—बहस जरूरी

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