सरदार पटेल की 150वीं जयंती पर लहरपुर में आयोजित पदयात्रा में लोगों की रिकॉर्ड भीड़।

लहरपुर की एकता पदयात्रा: समाज, राजनीति और जनभावना का अद्भुत संगम
लहरपुर विधानसभा क्षेत्र में आयोजित “एकता पदयात्रा” ने एक ऐसे सामाजिक वातावरण का निर्माण किया, जिसने सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती को केवल एक स्मरणोत्सव नहीं, बल्कि जनभागीदारी का उत्सव बना दिया। इस पदयात्रा में शामिल होना मानो राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को पुनर्जीवित करना था।
पदयात्रा: जनसमूह का उत्साह अविस्मरणीय
सुबह से ही लोग टोली बनाकर पदयात्रा स्थल की ओर बढ़ने लगे। शहर के हर कोने से भीड़ उमड़ती चली गई। युवाओं ने ढोल-नगाड़ों के साथ पदयात्रा को उत्साहपूर्ण बनाया। महिलाएँ राष्ट्रीय गीत गाती हुई पदयात्रा में शामिल हुईं।
बुजुर्गों के चेहरों पर गर्व और बच्चों की आँखों में उत्साह झलक रहा था। यह दृश्य इस बात का प्रमाण था कि सरदार पटेल की विरासत केवल इतिहास की पुस्तकें नहीं, बल्कि समाज के हर वर्ग के दिलों में जीवित है।
नेताओं की उपस्थिति ने कार्यक्रम को ऊँचाई दी
कार्यक्रम में शामिल प्रभारी मंत्री राजा मयंकेश्वर शरण सिंह, अवध अध्यक्ष कमलेश मिश्र, राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष राजेश वर्मा और निवर्तमान विधायक सुनील वर्मा ने जनसमूह की ऊर्जा को और बढ़ा दिया।
राजा मयंकेश्वर शरण सिंह ने अपने भाषण में कहा—
“भारत की एकता और सुरक्षा की आधारशिला सरदार पटेल की देन है। उन्होंने विभाजित भारत को एक सूत्र में बांधकर दुनिया के सामने एक मजबूत राष्ट्र प्रस्तुत किया।”
कमलेश मिश्र ने अखंड भारत के विचार को केंद्र में रखते हुए कहा कि पटेल आज भी भारतीयता के प्रतीक हैं।
राजेश वर्मा ने इतिहास के दस्तावेजों से उदाहरण देते हुए बताया कि किस प्रकार बिना आधुनिक संसाधनों के पटेल ने वह कर दिखाया, जो कई देशों के लिए आज भी कठिन चुनौती है।
पदयात्रा की सामाजिक गूंज
पदयात्रा केवल राजनीतिक आयोजन नहीं रही। स्थानीय संस्थाओं, स्कूलों, व्यापारियों और आम नागरिकों की सहभागिता से यह एक सामाजिक महोत्सव बन गई। बच्चे पटेल के चित्र लेकर चल रहे थे। कई युवाओं ने उनके जीवन और संघर्षों पर आधारित पोस्टर बनाए।
कई स्थानों पर सांस्कृतिक टीमों ने देशभक्ति गीत प्रस्तुत किए। इसने कार्यक्रम को भावनात्मक और प्रेरक दोनों स्वरूप दिए।
धन्यवाद और भविष्य की दिशा
कार्यक्रम के अंत में जिला अध्यक्ष राजेश शुक्ला ने सभी का आभार प्रकट करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत रहेगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं और जनता को संदेश दिया कि भारत की एकता और अखंडता को बनाए रखना ही सबसे बड़ी देशभक्ति है।



