ट्रेलर में घुसी लक्जरी कार, एयरबैग ने बचाई जान,फिर भी जवाबदेही शून्य।
सुरक्षा नियम फेल: हाइवे पर मौत के साए में सफर, प्रशासन मौन।

सिकंदरा CHC के पास भीषण हादसा, लक्ज़री कार ट्रेलर में घुसी एयरबैग खुलने से बची जान।
क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क
मनोज कुमार सोनी। दौसा जिले के सिकंदरा थाना क्षेत्र में NH 21 पर अवैध रूप से सड़क किनारे खड़े भारी वाहनों ने एक बार फिर दुर्घटना को न्योता दे दिया। शाम करीब 4 बजे सिकंदरा सीएचसी के पास मुरारी एंड कंपनी के गोदाम के सामने सामान से भरे एक बड़े ट्रेलर को चालक द्वारा लापरवाही से रोड किनारे खड़ा कर दिया गया। ट्रेलर पर न तो कोई रेफ्लेक्टर, न सिग्नल लाइट, और न ही चेतावनी संकेत लगाए गए थे। इसी बीच तेज रफ्तार से आ रही एक लक्जरी कार ट्रेलर के पिछले हिस्से में जोरदार टक्कर मारते हुए जा घुसी। हादसा इतना जबरदस्त था कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह चैपटा हो गया और पुर्जे सड़क पर बिखर गए। कार का नंबर प्लेट भी टूटकर दूर जा गिरा। घटनास्थल पर मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। गनीमत रही कि वाहन में एयरबैग समय पर खुल गए, जिससे चालक की जान बच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि एयरबैग सक्रिय नहीं होते तो यह घटना बड़े जनहानि का कारण बन सकती थी। हादसे के बाद मौके पर एकत्र लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सब-इंस्पेक्टर हेमराज गुर्जर जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और दुर्घटना की जानकारी ली। ट्रेलर चालक और संबंधित कंपनी की लापरवाही को लेकर कड़ी नाराजगी जताई गई पुलिस ने ट्रेलर को सड़क के किनारे से हटवाने के निर्देश दिए तथा कानूनी कार्रवाई की बात कही।
स्थानीय लोगों का कहना है कि “हाइवे पर लगातार भारी वाहन बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के खड़े रहते हैं। कई बार शिकायत के बावजूद भी स्थायी समाधान नहीं हो रहा। इसी प्रकार के हादसे पहले भी कई बार जान ले चुके हैं। लोगों ने बताया कि गोदाम वाले ट्रेलर अक्सर इसी प्रकार सड़क पर खड़े रहते हैं, जिससे एक्सीडेंट होने का खतरा लगातार बना रहता है।
प्रशासन से उठी मांग ऐसे गोदामों पर सख्त कार्रवाई की जरूरत है। बिना रिफ्लेक्टर व चेतावनी बोर्ड लगाए खड़े वाहनों पर भारी जुर्माना,सड़क सुरक्षा नियमों का कड़ाई से पालन राष्ट्रीय राजमार्ग पर इस तरह भारी वाहनों का खड़ा होना सीधे-सीधे जानलेवा लापरवाही है और इसके लिए वाहन मालिक व चालक दोनों जिम्मेदार हैं। सवाल उठता है आखिर कब रुकेगा सड़क पर मौत का यह जाल? लोग प्रशासन से उम्मीद कर रहे हैं कि अब सख्त कदम उठाए जाएं ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं न हों और निर्दोष लोगों की जान बच सके हादसों के बाद भी नहीं चेता प्रशासन!
हाइवे किनारे खड़े अवैध वाहन ‘यमदूत’ बन कर खड़े मौत के साए में सफर मजबूरी। बांदीकुई रोड से सिकंदरा तक कई गोदामों और दुकानों के आगे रोजाना भारी वाहन अवैध रूप से खड़े रहते हैं, जिन पर जिम्मेदारों की निगाह तो पड़ती है लेकिन कार्रवाई सिर्फ कागजों में फाइलों तक सीमित होकर रह जाती है। स्थानीय लोगों ने बताया कि ट्रकों और ट्रेलरों को सामान भरने व खाली करने के नाम पर सीधे रोड पर लगा दिया जाता है। ना रेफ्लेक्टर, ना चेतावनी संकेत, ना ही सेफ्टी लाइट्स! तेज रफ्तार में गुजरते वाहनों को तब तक पता ही नहीं चलता जब तक दुर्घटना न हो जाए। यही मनमानी कल के हादसे की वजह बनी, जिसने हाइवे सुरक्षा व्यवस्था की पोल खोल दी।
हर हादसे के बाद कुछ पल के लिए पुलिस जागती है, फिर सब पहले जैसा। नियम किताबों में सख्त हैं, जमीन पर बिल्कुल लचर। सड़क किनारे खड़े ट्रेलर ऐसे नजर आते हैं मानो “चलते-फिरते मौत के ट्रैप” हों। वाहनचालक डरते हैं कि कब,कौन-सा वाहन सामने आ जाए और हादसा हो जाए। नगरवासी उठाते हैं बड़ा सवाल आखिर बिना अनुमति इन गोदामों के पास भारी वाहन क्यों खड़े रहते है, नियमों को धता बताने पर कार्रवाई क्यों नहीं, आखिर पुलिस की ड्यूटी के बावजूद यह अवैध कब्जा क्यों जारी?पुलिस रोजाना इसी सड़क से गुजरती है, ट्रेलर सामने खड़े रहते हैं… लेकिन चालान एक-दो कर देकर खानापूर्ति।कार्रवाई का ढोल जोर से पीटा जाता है, मगर असर जमीन पर शून्य मिलता है। सड़क पर अवैध वाहन खड़े करना गंभीर अपराध है…यह सीधे जिंदगी पर जानलेवा हमला जैसा है।”
प्रशासन से मांग अवैध पार्किंग पर सख्त कार्रवाई,गोदाम संचालकों पर भारी जुर्माना, सुरक्षा नियमों का तत्काल कड़ाई से पालन,रात में हाई-इंटेंसिटी रिफ्लेक्टर व चेतावनी लाइट अनिवार्य, ट्रैफिक पुलिस का नियमित गश्त हो।स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक कठोर कदम नहीं उठाए जाते, हर दिन कोई नया हादसा होगा और कोई नया परिवार बर्बाद होगा। कब तक मौत के ये यमदूत हाइवे पर खुलेआम घूमते रहेंगे?कौन लेगा इन हादसों की जिम्मेदारी? सवाल कई हैं… लेकिन जवाब देने वाला कोई नहीं!



