फर्जी न्यायालय बनाकर ऑनलाइन ठगी करने वालों ने एक पूर्व कर्मचारी को 30 लाख से अधिक का चूना लगा दिया।

राजस्थान के जयपुर में साइबर ठगों ने ठगी का ऐसा नया तरीका अपनाया, जिसने सुरक्षा एजेंसियों को भी चौंका दिया है। हिंदुस्तान जिंक से रिटायर्ड 61 वर्षीय कर्मचारी को ठगों ने खुद को पुलिस और CBI अधिकारी बताकर करीब 33.60 लाख रुपये हड़प लिए।
ठगों ने बुजुर्ग को व्हाट्सएप वीडियो कॉल पर एक नकली कोर्टरूम दिखाया, मानसिक दबाव बनाया और डिजिटल तरीके से गिरफ्तार भी कर लिया, जिसे साइबर विशेषज्ञ ‘डिजिटल अरेस्ट’ कह रहे हैं।
⏺ कैसे शुरू हुई ठगी?
बुजुर्ग के फोन पर ‘ट्रॉय अथॉरिटी नई दिल्ली’ के नाम से कॉल आया। कॉल करने वाले ने आधार कार्ड से जुड़े एक सिम नंबर से 2 करोड़ के ट्रांजैक्शन का झूठा आरोप लगाया और मामला मनी लॉन्ड्रिंग का बताया।
इसके बाद उन्हें पुलिस की वर्दी में एक शख्स से वीडियो कॉल पर बात कराई गई, जिसने खुद को CBI अधिकारी बताया।
⏺ फर्जी कोर्टरूम और ‘जज साहब’ की वर्चुअल सुनवाई
13 नवंबर को पीड़ित की वीडियो कॉल पर वर्चुअल पेशी कराई गई। कोर्ट जैसा पूरा सेटअप दिखाया गया – जज, वकील और ऑफिसर्स तक!
ठगों ने कहा, “आप डिजिटल गिरफ्तारी में हैं, घर से बाहर नहीं निकल सकते, किसी से बात नहीं कर सकते।”
बुजुर्ग के मोबाइल से WhatsApp छोड़कर सारे ऐप्स डिलीट करवा दिए गए।
⏺ मानसिक दबाव बनाकर लुटवाए लाखों
बुजुर्ग से बैंक पासबुक, खाते, शेयर, संपत्ति सहित सभी विवरण मंगवाए गए।
डराकर कहा गया—
“अगर क्लीन चिट चाहिए तो तुरंत पैसे जमा कराओ, वरना गिरफ्तारी और जेल तय है।”
दबाव में आकर बुजुर्ग ने अलग-अलग खातों में कुल 33.60 लाख रुपये भेज दिए, साथ ही 7.64 लाख के शेयर भी बिकवा दिए।
⏺ कैसे खुला राज?
25 नवंबर को संदिग्ध कॉल आने पर पीड़ित को शक हुआ।
उन्होंने परिजनों को जानकारी दी।
मामले की शिकायत जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव और ADJ कुलदीप शर्मा को दी गई।
इसके बाद IG को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की गई और 28 नवंबर को साइबर थाने में केस दर्ज हुआ।
⏺ पुलिस ने क्या कहा?
साइबर थानाधिकारी रामनिवास के अनुसार,
“यह ‘डिजिटल अरेस्ट’ का मामला है। पूरे गैंग की तकनीकी जांच चल रही है। आरोपी जल्द पकड़े जाएंगे।”
⏺ सावधानी ही बचाव
👉 किसी भी सरकारी या कोर्ट की पेशी WhatsApp या वीडियो कॉल पर नहीं होती।
👉 कोई अधिकारी कभी डराकर पैसे नहीं मांगता।
👉 ऐसे मामलों में तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत करें।



