NSUI जिलाध्यक्ष पर दुष्कर्म का आरोप, अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल: 30 लाख रुपये हड़पने की शिकायत।
सियासी संरक्षण या कानून का डंडा? बलात्कार केस में NSUI जिलाध्यक्ष, मां-भाई भी आरोपी

पाली में NSUI जिलाध्यक्ष पर बलात्कार का गंभीर आरोप: शादी का झांसा, अश्लील वीडियो, 30 लाख हड़पने की शिकायत।
क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क, मनोज कुमार सोनी। राजस्थान के पाली जिले में कांग्रेस की छात्र इकाई एनएसयूआई के जिलाध्यक्ष पर शादी का झांसा देकर कई बार बलात्कार करने, जबरन अश्लील वीडियो बनाने और पीड़िता के 30 लाख रुपये ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। औद्योगिक नगर थाना पुलिस ने महिला सरकारी कर्मचारी की शिकायत के आधार पर आरोपी एनएसयूआई जिलाध्यक्ष विजय जोशी, उसकी मां और भाई के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामला सामने आते ही छात्र राजनीति और पूरे जिले में हलचल मच गई है। पीड़िता ने आरोप लगाया है कि आरोपी ने पहले भरोसा जीता, फिर नशीला पदार्थ देकर बेहोश किया, गलत हरकत की और उसके बाद ब्लैकमेल कर लगातार शारीरिक शोषण करता रहा।
किराए के मकान से शुरू हुई नजदीकियां, भरोसे के बदले धोखा? 24 वर्षीय पीड़िता के मुताबिक अप्रैल 2023 में वह पाली में किराए का घर खोज रही थी। इसी दौरान उसकी मुलाकात कांग्रेस छात्र नेता विजय जोशी से हुई। विजय ने उसे अपने फ्लैट में किराए पर रहने की सुविधा दी। परिवारजनों ने अपनापन दिखाकर रिश्ते को मजबूत किया। कुछ ही महीनों में नजदीकियां बढ़ गईं। लेकिन पीड़िता का कहना है कि यह सब एक सोचा-समझा षड्यंत्र था।
कोल्ड ड्रिंक में मिलाया नशीला पदार्थ, बेहोशी का फायदा उठाया पीड़िता के अनुसार 3 जुलाई 2025 को वह फ्लैट पर अकेली थी। तभी विजय ने उसे स्नैक्स और कोल्ड ड्रिंक दी। पीने के बाद अचानक चक्कर आए और वह बेहोश हो गई। होश आने पर उसने खुद को अपमानित और असुरक्षित स्थिति में पाया। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और आपत्तिजनक फोटो-वीडियो बना लिए। रिपोर्ट में बताया गया है कि विजय ने शादी का वादा कर जोधपुर, कुंभलगढ़, जयपुर, खाटूश्यामजी समेत कई पर्यटन स्थलों पर ले गया। इस दौरान भी कई बार शारीरिक शोषण किया गया। विरोध करने पर वीडियो वायरल करने की धमकी देकर चुप कराया गया।
मालिकों की कमाई भी हड़प ली, रुपए के नाम पर ब्लैकमेल पीड़िता ने बताया कि उसने एक भू-खण्ड बेचकर करीब 14 लाख रुपये प्राप्त किए थे। आरोपी ने धीरे-धीरे वह रकम भी अपने कब्जे में ले ली। इसके अलावा प्रेम संबंध और शादी की झूठी बातें कर विश्वास तोड़ा और करीब 30 लाख रुपये से अधिक राशि ठग ली। हर बार अलग-अलग बहाने बनाकर पैसे लेता रहा और रिश्ता बिगड़ने पर धमकियां भी देता रहा।
कौन है आरोपी? पाली छात्र राजनीति का चर्चित चेहरा विजय जोशी एनएसयूआई का मौजूदा जिलाध्यक्ष है और पिछले कई समय से छात्र राजनीति में सक्रिय। कांग्रेस से उसकी नज़दीकियां जगजाहिर हैं। कई आयोजनों में मंच साझा कर चुका है। अब उसके खिलाफ दर्ज बलात्कार के इस प्रकरण से सियासी गलियारों में भी विरोध के स्वर उभरने लगे हैं। विपक्ष इसे सत्ता पक्ष की छात्र राजनीति की “बर्बर मानसिकता” बता रहा है।
परिवार पर भी आपराधिक षड्यंत्र में शामिल होने का आरोप एफआईआर में पुलिस ने विजय के साथ उसकी मां और भाई को भी आरोपी बनाया है। आरोप है कि परिवारजनों ने रिश्ता बनाने का झांसा देकर कभी भरोसा दिलाया, कभी दबाव बनाया और पूरी प्रक्रिया में समर्थन दिया। पीड़िता ने कहा कि वे जानते थे कि क्या हो रहा है, बावजूद इसके चुप रहे।
सवाल: भरोसा, रिश्ता और इज्जत—सब दांव पर पीड़िता का दर्द यही है कि जिसे उसने जीवन-साथी मान लिया, उसी ने उसकी भावनाओं का शोषण किया। समाज के सामने इज्जत बचाने के दबाव में वह चुप रही, मगर जब घटनाएं बढ़ती गईं, रकम का लालच बढ़ता गया और दूसरे रिश्ते देखे तो उसने हिम्मत जुटाकर पुलिस पहुंचने का फैसला किया। विजय का पलटवार—झूठा केस, कमीशन की मांग पूरी नहीं हुई दूसरी ओर आरोपी विजय जोशी ने तमाम आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया है। उसका कहना है
“मैं कॉन्ट्रेक्टर हूं, मेरे पास बांगर अस्पताल की पार्किंग का ठेका था। यह महिला मुझसे कमीशन की डिमांड कर रही थी। मैंने मना किया तो यह सब झूठा केस दर्ज करा दिया। मुझे भरोसा है जांच में सच सामने आ जाएगा।” विजय ने दावा किया कि पीड़िता के आरोप बनावटी हैं और उसके मकसद पैसे हथियाने के हैं।
पुलिस ने आईपीसी की गंभीर धाराओं में मामला दर्ज कर मेडिकल समेत वैज्ञानिक साक्ष्यों की प्रक्रिया शुरू कर दी है। अश्लील वीडियो और पैसों के लेन-देन की जांच साइबर और फाइनेंशियल ट्रेल के आधार पर होगी। पीड़िता के बयान दर्ज हो चुके हैं और पुलिस जल्द ही आरोपी से पूछताछ कर सकती है।
सियासी तफ्तीश भी शुरू—पार्टी में मचेगा भूचाल?एनएसयूआई जिलाध्यक्ष पर लगे आरोपों से कांग्रेस संगठन असहज स्थिति में आ गया है। विपक्ष पूछ रहा है कि छात्र नेता, जिन्हें न्याय, लोकतंत्र व नैतिकता की सीख देनी है, वे खुद अपराधों में लिप्त मिले तो युवाओं को कैसा संदेश जाएगा? संगठन स्तर पर भी कार्रवाई की मांग उठ रही है।पीड़िता ने कहा कि अब वह डरने वाली नहीं है। उसके अनुसार, “मेरी चुप्पी ने ही उसे साहस दिया। अब हर हाल में न्याय चाहिए।” फिलहाल पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है। वीडियो, चैट, बैंक ट्रांजेक्शन व मोबाइल लोकेशन मुख्य साक्ष्य बन सकते हैं। यदि आरोप पुष्ट हुए तो छात्र राजनीति से लेकर परिवार तक बड़े झटके से इनकार नहीं किया जा सकता।



