क्राइम समाचार

मदरसे में हैवानियत! हाफिज ने छात्र से कुकर्म कर की हत्या, मौलवी भी गिरफ्तार।

बच्चों की सुरक्षा पर सवाल! मदरसों में बढ़ रही हैवानियत की घटनाओं से दहला प्रदेश

मदरसे में दरिंदगी!

प्रदेश। धार्मिक शिक्षण संस्थानों में बच्चों की सुरक्षा पर एक और बड़ा सवाल खड़ा हो गया है। ताज़ा दिल दहला देने वाले मामले में मदरसे के हाफिज ने एक मासूम छात्र से कुकर्म कर उसकी हत्या कर दी, जबकि मौलवी पर शव को ठिकाने लगाने में मदद का आरोप है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है और घटनास्थल से कई अहम सबूत भी जब्त किए हैं।

जानकारी के अनुसार बच्चा खेलने गया और लौटकर नहीं आया। जब परिजन व बच्चे खोजने निकले तो मदरसा संदिग्ध हालात में बंद मिला। जांच में सामने आया कि हाफिज ने अकेलेपन का फायदा उठाते हुए मासूम के साथ हैवानियत की। वारदात का पर्दाफाश तब हुआ जब स्थानीय बच्चों व ग्रामीणों ने शोर मचाया और पुलिस को खबर दी।

पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ है कि आरोपी हाफिज अश्लील सामग्री देखने का आदी था और बच्चों को निशाना बनाने की प्रवृत्ति पहले से थी। इतने गंभीर अपराध के बाद मौलवी का भी इसमें शामिल होना पूरे क्षेत्र में आक्रोश का कारण बना हुआ है। गांव में भारी पुलिस बल तैनात है और परिजन न्याय की मांग पर अड़े हुए हैं।

पिछले कुछ महीनों में मदरसों, और अन्य संस्थानों में बच्चों के शोषण के कई मामले सामने आए हैं, जिससे अभिभावकों में गहरा असंतोष है। विशेषज्ञों का कहना है कि कई संस्थान बिना रजिस्ट्रेशन, बिना निगरानी और बिना बैकग्राउंड वेरिफिकेशन के स्टाफ रख लेते हैं, जिसका गंभीर दुष्परिणाम बच्चों को भुगतना पड़ता है।

स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि धार्मिक संस्थानों में चाहे वे किसी भी संप्रदाय या पंथ से जुड़े हों—

  • कड़े निरीक्षण
  • CCTV अनिवार्य
  • स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन
  • बच्चों के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल
    तुरंत लागू किए जाएं।

ग्रामीणों का कहना है कि जब ऐसे स्थानों पर भी बच्चे सुरक्षित नहीं हैं, तो जिम्मेदारी तय करना जरूरी है। समाज में बढ़ते इन अपराधों ने लोगों में भय और गुस्सा दोनों बढ़ा दिया है। आमजन का सवाल बरकरार है।बच्चे कब सुरक्षित होंगे और इन संस्थानों की जवाबदेही आखिर तय करेगा कौन?


 

Related Articles

Back to top button