मुख्य बाजार में गटर टैंकरों का आतंक! दिनदहाड़े नियमों की धज्जियां उड़ीं।
गटर टैंकरों से उठती सड़ांध से बाजार बदहाल, दुकानदारों का कारोबार चौपट

मुख्य बाजार में गटर टैंकरों का आतंक! निजी कमाई के लालच में नियमों की उड़ रही धज्जियां, आमजन बदहाल।
क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क, मनोज कुमार सोनी! दौसा/सिकंदरा शहर के मुख्य बाजारों और कॉलोनियों में इन दिनों गटर टैंक संचालकों की मनमानी चरम पर है। नगरपालिका के स्पष्ट नियमों के बावजूद दिनदहाड़े तंग गलियों, भीड़भाड़ वाले बाजारों और आवासीय मोहल्लों से होकर सेप्टिक टैंक खाली करने वाले निजी टैंकर धड़ल्ले से गुजर रहे हैं। इससे जहां तेज सड़ांध पूरे इलाके में फैल जाती है, वहीं संक्रमण का खतरा भी बढ़ रहा है।
स्थानीय निवासियों का कहना है कि निजी ऑपरेटर तेजी से पैसा कमाने की लालसा में किसी भी समय घरों और दुकानों के बीच टैंकर खड़ा कर देते हैं। टैंकरों से उठती दुर्गंध कई बार इतनी असहनीय होती है कि दुकानदारों को दुकानें बंद करनी पड़ जाती हैं और ग्राहक भी वापस लौट जाते हैं। बाजार में रखी खाद्य सामग्री, खुले सामान और दवाइयों पर इसका सीधा प्रभाव पड़ रहा है।
दिन में सिकंदरा के मुख्य बाजार से गुजरता गटर टैंक।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि यह सब नियमों के खिलाफ खुलेआम हो रहा है। नगर निकाय के उपनियमों में स्पष्ट निर्देश हैं कि इस प्रकार की गतिविधि सुबह के निर्धारित समय या रात 10 बजे के बाद ही की जा सकती है, ताकि भीड़भाड़ और स्वास्थ्य जोखिम से बचा जा सके। लेकिन निजी गटर टैंकर संचालक इन नियमों को दरकिनार कर गर्मियों, सर्दियों व त्योहारों—हर मौसम में दिन के समय सफाई कर रहे हैं, जिससे आमजन का जीना दूभर हो गया है। स्थानीय लोग बताते हैं कि कई बार टैंकरों की पाइपें खुले में लटकती रहती हैं और चलते समय गंदा पानी टपकता है, जिससे बीमारियों, संक्रमण और महामारी फैलने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। बच्चों, बुजुर्गों और दुकानदारों को सबसे ज्यादा परेशानी झेलनी पड़ती है।
शहरवासियों ने इस गंभीर समस्या पर नगरपालिका प्रशासन से कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि नियमों का पालन नहीं कराया गया तो हालात बिगड़ने से कोई नहीं रोक सकेगा। नागरिकों की अपील है कि टैंकरों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाए, समय-सीमा तय की जाए और उल्लंघन करने वालों पर कड़ी जुर्माना कार्रवाई की जाए। आमजन का सीधा सवाल है,स्वच्छता के नाम पर टैंकर संचालकों द्वारा गंदगी और संक्रमण फैलाया जा रहा है, तो फिर जिम्मेदार कौन?



