33 लाख के इनामी 10 माओवादी छत्तीसगढ़ में हिंसा छोड़कर हथियारों के साथ सरेंडर कर गए।

मुख्यधारा की ओर लौटते माओवादी, सुकमा में बड़ा घटनाक्रम
छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में शुक्रवार को माओवादी हिंसा के खिलाफ चल रहे अभियान को बड़ी सफलता मिली, जब 33 लाख रुपये के इनामी 10 माओवादी मुख्यधारा में लौट आए। इन आत्मसमर्पण करने वालों में छह महिला माओवादी भी शामिल हैं, जो यह दर्शाता है कि संगठन के भीतर भी अब बदलाव की चाह बढ़ रही है।
समर्पण के दौरान माओवादियों ने दो एके-47, दो एसएलआर समेत कुल पांच हथियार सुरक्षा बलों को सौंपे। यह न केवल हिंसा से दूरी बनाने का संकेत है, बल्कि शांति की दिशा में एक ठोस कदम भी माना जा रहा है।
इस अवसर पर सर्व आदिवासी समाज के प्रमुखों ने आत्मसमर्पण करने वाले माओवादियों को एक-एक पौधा और तिरंगा भेंट कर समाज में सम्मानपूर्वक लौटने का संदेश दिया।
बस्तर आईजीपी सुंदरराज पी. ने कहा कि शासन की पुनर्वास नीति के तहत आत्मसमर्पण करने वालों को हर संभव सहायता दी जा रही है। उन्होंने बताया कि पिछले 11 महीनों में बस्तर संभाग में 1,514 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं, जो सुरक्षा बलों और सरकार की संयुक्त रणनीति की सफलता को दर्शाता है।
आईजीपी ने यह भी कहा कि अब माओवादी संगठन के पास केवल देवजी, पापा राव और देवा बारसे की टीमें बची हैं और उनके पास भी मुख्यधारा में लौटने के अलावा कोई विकल्प नहीं है, क्योंकि सुरक्षा बलों का ऑपरेशन लगातार जारी है।



