Budget 2026: किफायती घर बनाने वाले बिल्डर्स की सरकार से 2 बड़ी मांग, हुई मंजूर तो लाखों ग्राहकों को होगा फायदा

रियल एस्टेट डेवलपर के संगठन क्रेडाई ने सरकार से बजट को लेकर खास मांगें की हैं। इनमें किफायती हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने वाले डेवलपर्स को टैक्स में छूट देने की मांग, और अफोर्बेडल हाउसिंग की परिभाषा के तहत 45 लाख रुपये की कीमत की सीमा को बढ़ाने की भी डिमांड भी शामिल है।

रियल एस्टेट डेवलपर के संगठन क्रेडाई (Credai Demands) ने सरकार से बजट में किफायती हाउसिंग प्रोजेक्ट बनाने वाले डेवलपर्स को टैक्स में छूट देने की मांग की है। 15 हजार से ज्यादा डेवलपर का प्रतिनिधित्व करने वाले क्रेडाई ने सस्ते हाउसिंग(Affordable Housing) की परिभाषा के तहत 45 लाख रुपये की कीमत की सीमा को बढ़ाने की भी मांग की। संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष शेखर पटेल ने कहा, ‘हम किफायती घरों की परिभाषा में बदलाव की मांग कर रहे हैं। 2017 में जब 45 लाख रुपये की सीमा लागू की गई थी तब से लेकर अब तक लागत में बहुत वृद्धि हुई है।’
पटेल ने कहा कि सस्ते आवास की परिभाषा के तहत या तो 45 लाख रुपये की कीमत की सीमा को खत्म कर देना चाहिए या इसे बढ़ाकर 90 लाख रुपये कर देना चाहिए। उन्होंने कहा कि क्रेडाई को उम्मीद है कि आगामी बजट में सस्ते घरों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए कुछ सकारात्मक घोषणाएं होंगी।
बढ़ाई लिमिट तो ग्राहकों को होगा फायदा
क्रेडाई के राष्ट्रीय सचिव गौरव गुप्ता ने कहा कि अगर सस्ते घरों की सीमा बढ़ाई जाती है तो ग्राहकों को फायदा होगा, क्योंकि सस्ते घरों पर जीएसटी सिर्फ एक प्रतिशत है। उन्होंने किफायती घरों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए डेवलपर द्वारा वर्क कांट्रैक्ट पर दिया जाने वाला जीएसटी 18 प्रतिशत से घटाकर 12 प्रतिशत करने की मांग की।
गौरव गुप्ता ने कहा, ‘सरकार को किफायती घर बनाने वाली रियल एस्टेट कंपनियों को कुछ कर राहत देने पर भी विचार करना चाहिए। घरों की बिक्री और कीमतों पर पटेल ने कहा कि कोरोना के बाद रियल एस्टेट मार्केट अच्छा प्रदर्शन कर रहा है और आने वाले सालों में भी ट्रेंड जारी रहने की उम्मीद है।’



