राजस्थान में सरकारी स्कूल के बच्चों के स्कूल बैग का बोझ होगा कम, शिक्षा विभाग का बड़ा फैसला

राजस्थान शिक्षा विभाग ने सरकारी स्कूलों में कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों के लिए बस्ते का बोझ कम करने का महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। नई शिक्षा नीति के तहत 2026-27 से पुस्तकें तिमाही आधार पर दो चरणों में वितरित की जाएंगी। इसके अतिरिक्त, छात्रों को सही मार्गदर्शन देने के लिए ‘माय करियर एडवाइजर मोबाइल एप’ भी लॉन्च किया गया है। यह पहल छात्रों पर अनावश्यक दबाव कम कर शिक्षा को अधिक सुलभ बनाएगी।
HighLights
- कक्षा 1 से 5 तक के छात्रों का बस्ता होगा हल्का।
- पुस्तकें अब तिमाही आधार पर दो चरणों में मिलेंगी।
- ‘माय करियर एडवाइजर’ मोबाइल एप भी लॉन्च किया गया।
राजस्थान में शिक्षा विभाग ने शिक्षा व्यवस्था को विद्यार्थियों के अनुसार बनाने के लिए महत्वपूर्ण फैसले किए हैं। सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से पांचवी तक के विद्यार्थियों के बस्ते का बोझ कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाया है।
दूसरा विद्यार्थियों को सही मार्गदर्शन देने की दिशा में ‘माय करियर एडवाइजर मोबाइल एप’ भी लांच किया है। नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा सत्र 2026-2027 से सरकारी स्कूलों में कक्षा एक से पांचवी तक के बच्चों को दो चरणों में पुस्तकें वितरित की जाएंगी।
सीमित संख्या में पुस्तकों के वितरण से विद्यार्थियों पर अनावश्यक बोझ नहीं पड़ेगा। शिक्षा विभाग के सचिव कृष्ण कुणाल ने बताया कि पुस्तकों का आवंटन सरकार द्वारा विद्यार्थियों को तिमाही आधार पर किया जाएगा। विद्यार्थियों को कुल पुस्तकें तीन बार में वितरित की जाएगी।
शिक्षा विभाग शिक्षकों एवं अभिभावकों के लिए वर्तमान समय के अनुसार अध्यापन कार्य करवाएगा। मोबाइल एप से विद्यार्थियों एवं उनके अभिभावकों को समझाया जाएगा, इसकी मदद से विद्यार्थियों को पढ़ाया भी जाएगा। विद्यार्थियों को समझाया जाएगा कि किस तरह से सीमित संख्या में पुस्तकों का लाभ उठाया जा सकेगा।



