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दौसा जिले का नाम रोशन: निखिल सोनी ने नीट में हासिल किए 567 अंक।

नीट परिणाम: निखिल सोनी की सफलता से बांदीकुई में खुशी की लहर।

जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज अजमेर से नीट परीक्षा में बांदीकुई के निखिल सोनी ने किया शानदार प्रदर्शन, 567 अंक हासिल कर बढ़ाया क्षेत्र का मान।

क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क, मनोज कुमार सोन दौसा/बांदीकुई राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा (NEET) के घोषित परिणामों में बांदीकुई नगर के होनहार छात्र निखिल सोनी ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए 567 अंक अर्जित किए हैं। निखिल की इस उल्लेखनीय सफलता से न केवल उनके परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र में खुशी और गर्व का माहौल है।

निखिल सोनी, जितेंद्र सोनी के सुपुत्र हैं। प्रारंभ से ही निखिल पढ़ाई में मेधावी रहे हैं और उन्होंने अपनी लगन, अनुशासन एवं निरंतर परिश्रम के बल पर यह मुकाम हासिल किया है। उन्होंने कठिन परिस्थितियों में भी अपने लक्ष्य से समझौता नहीं किया और पूरे आत्मविश्वास के साथ नीट परीक्षा की तैयारी की।

निखिल ने बताया कि उन्होंने प्रतिदिन एक निर्धारित समय-सारिणी बनाकर अध्ययन किया। विषयों की गहरी समझ, नियमित रिवीजन और मॉक टेस्ट को उन्होंने अपनी तैयारी का मुख्य आधार बनाया। निखिल का कहना है कि असफलताओं से घबराने के बजाय उनसे सीख लेना ही सफलता की कुंजी है।

परिवारजनों ने बताया कि निखिल ने सोशल मीडिया और अनावश्यक गतिविधियों से दूरी बनाकर पूरी तरह पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित किया। माता-पिता ने हर कदम पर उनका मनोबल बढ़ाया और कठिन समय में उनका साथ दिया।

निखिल की सफलता पर क्षेत्र के शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और गणमान्य नागरिकों ने प्रसन्नता व्यक्त की। लोगों ने कहा कि निखिल ने यह सिद्ध कर दिया है कि कस्बाई क्षेत्रों से निकलकर भी राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट सफलता प्राप्त की जा सकती है।

स्थानीय युवाओं ने निखिल को अपना आदर्श बताते हुए कहा कि उनकी मेहनत और समर्पण आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणास्रोत बनेगा। कई लोगों ने उनके उज्ज्वल भविष्य और चिकित्सा क्षेत्र में सफलता की कामना की।

निखिल सोनी ने अपनी इस उपलब्धि का श्रेय अपने माता-पिता, शिक्षकों और मार्गदर्शकों को दिया। उन्होंने कहा कि उनका लक्ष्य एक कुशल चिकित्सक बनकर समाज की सेवा करना है और जरूरतमंद लोगों तक बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएँ पहुँचाना है।

निखिल की इस सफलता से बांदीकुई और दौसा जिले का नाम रोशन हुआ है और यह साबित हुआ है कि सच्ची मेहनत, धैर्य और लक्ष्य के प्रति समर्पण से कोई भी सपना साकार किया जा सकता है।

 

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