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किसानों का पैसा ‘तिजोरी’ में कैद! करोड़ों का बजट डंप देख भड़के अधिकारी, अफसरों को अल्टीमेटम

मंडलीय टास्क फोर्स अधिकारी ने बरेली मंडल की कृषि योजनाओं की समीक्षा की। बजट खर्च न होने पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। बरेली, बदायूं और पीलीभीत के उप कृषि निदेशकों को 10 दिन में प्रगति सुधारने का निर्देश दिया गया। मंडल को आवंटित 47.84 करोड़ रुपये में से केवल 62.50% ही खर्च हुआ है, जिससे किसानों को लाभ नहीं मिल पा रहा।

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HighLights

  1. बरेली, बदायूं, पीलीभीत के उप कृषि निदेशकों को 10 दिन में प्रगति सुधारने के निर्देश

मंडलीय टास्क फोर्स अधिकारी, संयुक्त कृषि निदेशक शोध एवं मृदा परीक्षण, लखनऊ ने शुक्रवार को मंडल के कृषि अधिकारियों के साथ विभागीय योजनाओं की समीक्षा की। किसानों को लाभान्वित कराने के लिए चलाई जा रही योजनाओं का बजट खर्च नहीं होने पर कड़ी नाराजगी जताई। बरेली, बदायूं और पीलीभीत के उप कृषि निदेशकों को 10 दिन में प्रगति में सुधार के निर्देश दिए।

बिल्वा स्थित कृषि विभाग के कार्यालय में हुई समीक्षा बैठक में मंडल के चारों जिलों के अधिकारी शामिल हुए। नेशनल मिशन आन एग्रीकल्चर एक्सटेंशन एंड टेक्नोलाजी (आत्मा योजना) की समीक्षा के दौरान पाया गया कि बरेली को 1,03,69,514 रुपये आवंटित हुए हैं, जिसमें से अब तक 34,45,649 रुपये ही खर्च किए गए हैं जो 33.23 प्रतिशत है।

बरेली में एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ

नेशनल फूड सिक्योरिटी मिशन आन आयल सीड्स योजना में बरेली को 12,10,000 रुपये आवंटित हुए हैं, जिनमें से अभी तक एक भी रुपया खर्च नहीं हुआ है। पीलीभीत में 7,27,326 रुपये में से 2,19,729 रुपये खर्च किए गए हैं जो 30.21 प्रतिशत है। नेशनल मिशन आन नेचुरल फार्मिंग योजना में बरेली को 81,95,800 रुपये आवंटित हैं, जिनमें से 80,000 ही खर्च किए गए हैं जो 0.98 प्रतिशत है।

उत्तर प्रदेश मिलेट्स पुनरोद्धार कार्यक्रम के तहत बरेली को आवंटित 20,75,000 रुपये में से 2,50,000 रुपये ही खर्च हुए हैं जो 12.05 प्रतिशत है। संकर बीजों के उपयोग को बढ़ावा देने की योजना में बदायूं जिले को आवंटित 46,00,000 रुपये में से 5,14,475 रुपये ही खर्च हुए हैं जो 11.43 प्रतिशत है।

अन्‍य जि‍ले भी खर्च में रहे पीछे

नेशनल फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रीशन मिशन योजना में बदायूं को आवंटित 3,52,21,500 रुपये में से 1,11,75,059 रुपये खर्च हुए हैं जो 31.73 प्रतिशत है। कीट, रोग नियंत्रण योजना में बरेली को आवंटित 30,08,000 रुपये में से 1,34,0620 रुपये, बदायूं को मिले 30,08,000 रुपये में से 11,88,309 रुपये, शाहजहांपुर को मिले 30,16,000 रुपये में से 14,13,989 रुपये, पीलीभीत को आवंटित 14,35,000 रुपये में से 7,45,867 रुपये खर्च किए जा सके हैं।

नेशनल मिशन फार सस्टेनेबुल एग्रीकल्चर (मृदा स्वास्थ्य कार्ड) योजना में बरेली को आवंटित 8,47,400 रुपये में से 2,47,500 रुपये खर्च हुए हैं जो 29.21 प्रतिशत है। बदायूं में 8,47,400 रुपये में से 1,96,500 रुपये व्यय हुए हैं जो 23.19 प्रतिशत है। पीलीभीत को मिले 4,76,600 रुपये में से 1,41,000 रुपये ही खर्च हुए हैं जो 29.58 प्रतिशत है।

विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत बरेली मंडल को आवंटित 47,84,34,324 रुपये में से 29,90,34,417 रुपये ही खर्च हुए हैं जो 62.50 प्रतिशत है। टास्क फोर्स अधिकारी ने बरेली, बदायूं और पीलीभीत की प्रगति कम होने पर नाराजगी व्यक्त करते हुए तीनों जिलों के उप कृषि निदेशकों को 10 दिन में प्रगति सुधारने के निर्देश दिए।

बीज के 1640 नमूनों का परीक्षण, पांच फेल

टास्क फोर्स अधिकारी क्षेत्रीय बीज परीक्षण प्रयोगशाला का निरीक्षण किया। बीज परीक्षण प्रयोगशाला प्रभारी कृतज्ञ गंगवार ने अवगत कराया कि प्रयोगशाला में बरेली एवं मुरादाबाद मंडल के 9 जिलों में बरेली 290, पीलीभीत 550, बदायूं 238, शाहजहांपुर 346, मुरादाबाद 159, अमरोहा 109, संभल 92, बिजनौर 200 एवं रामपुर 276 कुल लक्ष्य 2677 बीज नमूनों के सापेक्ष 2250 बीज नमूने प्राप्त हुए।

इसमें से 1640 नमूनों का परीक्षण हो चुका हैं। जिसमें पीलीभीत के 2, बदायूं के एक, बिजनौर का एक, रामपुर का एक नमूना फेल हुआ है। संबंधित जिला कृषि अधिकारी को रिपोर्ट प्रेषित की जा चुकी है।

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