‘हिंदुत्व, हिंदू धर्म का ही विकृत रूप’, मणिशंकर अय्यर के विवादित बोल- बीजेपी ने कांग्रेस को घेरा

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मणिशंकर अय्यर एक बार फिर अपने बयान को लेकर विवादों में हैं। उन्होंने हिंदू धर्म और हिंदुत्व के संबंध में ऐसी टिप्पणी की, जिस पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने तीखी प्रतिक्रिया दी। अय्यर ने हिंदुत्व को हिंदू धर्म का ‘विकृत रूप’ बताते हुए इसे एक राजनीतिक विचारधारा कहा और दावा किया कि हिंदू धर्म को हिंदुत्व से ‘सुरक्षा’ की आवश्यकता है। यह बयान एक संगोष्ठी के दौरान दिया गया, जिसका शीर्षक था—‘हिंदुत्व से हिंदू धर्म को सुरक्षा की जरूरत’.
अय्यर का बयान और तर्क
अय्यर ने कहा कि हिंदू धर्म एक प्राचीन और महान आध्यात्मिक परंपरा है, जबकि हिंदुत्व अपेक्षाकृत नया विचार है, जो 1923 में सामने आया। उनके अनुसार, हजारों वर्षों तक हिंदू धर्म ने अनेक सामाजिक और ऐतिहासिक चुनौतियों का सामना किया, फिर भी वह जीवंत और समृद्ध बना रहा। उन्होंने यह भी कहा कि महात्मा गांधी और स्वामी विवेकानंद के हिंदू धर्म को सावरकर के हिंदुत्व से न तो संरक्षित किया जा सकता है और न ही उसका विस्तार किया जा सकता है।
हिंदुत्व बनाम हिंदू धर्म
अय्यर ने हिंदुत्व और हिंदू धर्म के बीच मौलिक अंतर बताते हुए कहा कि हिंदू धर्म का स्वरूप आध्यात्मिक है, जबकि हिंदुत्व का स्वरूप राजनीतिक है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हिंदुत्व बहुसंख्यक समुदाय को अल्पसंख्यकों के सामने झुकने को कहता है और समाज में विभाजन को बढ़ावा देता है। उनके अनुसार, धर्म को राजनीति से अलग रखा जाना चाहिए।
भाजपा की कड़ी प्रतिक्रिया
अय्यर के बयान के बाद भाजपा नेताओं ने तीखी प्रतिक्रिया दी। भाजपा सांसदों और प्रवक्ताओं ने अय्यर पर सनातन धर्म का अपमान करने का आरोप लगाया। उन्हें ‘औपनिवेशिक मानसिकता वाला ब्रिटिश एजेंट’ तक कहा गया। भाजपा का कहना है कि कांग्रेस की सोच हिंदू-विरोधी है और वह लगातार सनातन परंपराओं को नीचा दिखाने का प्रयास करती रही है।
भाजपा नेताओं के बयान
भाजपा सांसद मिथिलेश कुमार कथारिया ने कहा कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व दोनों ही हिंदुओं के लिए आवश्यक हैं और हिंदुत्व को केवल राजनीतिक विचारधारा कहना गलत है। उत्तर प्रदेश के भाजपा नेता नरेंद्र कश्यप ने कहा कि सनातन हिंदू और हिंदुत्व एक-दूसरे के पर्यायवाची हैं। उन्होंने अय्यर के बयान को गैर-जिम्मेदाराना बताया।
कांग्रेस पर आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस हिंदू समाज को विभाजित करना चाहती है। वहीं पार्टी नेता नारायणन तिरुपति ने अय्यर को ‘ब्रिटिश एजेंट’ बताते हुए कहा कि कांग्रेस की सोच आज भी औपनिवेशिक मानसिकता से ग्रसित है। विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल ने भी कांग्रेस पर हिंदू-विरोधी और पाकिस्तान समर्थक रुख अपनाने का आरोप लगाया।
निष्कर्ष
मणिशंकर अय्यर का बयान एक बार फिर यह दर्शाता है कि हिंदू धर्म और हिंदुत्व को लेकर राजनीतिक दलों के बीच मतभेद कितने गहरे हैं। जहां अय्यर इसे धर्म और राजनीति के अलगाव का प्रश्न मानते हैं, वहीं भाजपा इसे सनातन परंपरा पर सीधा हमला बता रही है। यह विवाद आने वाले समय में राजनीतिक बहस का केंद्र बना रह सकता है।



