घायल छात्र चिरायु ने बताया कि स्कूल के वार्षिक समारोह कार्यक्रम में शामिल होने के बाद जब वो स्कूल से बाहर निकला तो कुछ ही दूरी पर कुछ लड़के खडे़ थे, जिनसे किसी बात को लेकर चिरायु की कहासुनी हो गई और देखते ही देखते ये कहासुनी झगड़े में बदल गई। इसके बाद एक युवक ने चिरायु पर चाकू से हमला कर दिया, जिसमें चिरायु की पीठ, सीने और हाथ पर चाकू के घाव लगे हैं। घटना के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। वहां मौजूद अन्य छात्रों और लोगों ने तुरंत घायल छात्र को संभाला और उसे इलाज के लिए एमबीएस हॉस्पिटल पहुंचाया। घटना के बाद स्कूल परिसर के बाहर अफरा-तफरी का माहौल बन गया।बता दें कि कोटा शहर में चाकूबाजी की घटनाएं आम हो गई हैं। आए दिन शहर में छोटी-छोटी बातों पर चाकूबाजी हो रही है, जिसमें लोग घायल हो रहे हैं। ऐसे में पुलिस भी चाकूबाजी की घटनाओं को रोकने में नाकाम साबित हो रही है। गुमानपुरा में स्कूल के बाहर हुई चाकूबाजी की घटना पहली घटना नहीं है, इसके पहले भी शहर में स्कूल के बाहर चाकूबाजी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिसमें स्कूल के छात्रों के बीच चाकूबाजी में कुछ छात्र घायल हो चुके हैं। ऐेसे में ये सवाल भी उठता है कि आखिरकार स्कूल में पढ़ने वाले छात्रों के हाथों में किताब की जगह चाकू कहां से आ रहे हैं?