अब भवदीय की जगह लिखेंगे वंदे मातरम, बंगाल के राज्यपाल आनंद बोस ने लिया फैसला

बंगाल के राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस ने कहा कि अब से वह अपने आधिकारिक पत्राचार में परंपरागत रूप से प्रयुक्त होने वाले भवदीय के स्थान पर वंदे मातरम लिखेंगे। लोक भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से इस निर्णय को साझा करते हुए एक अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल का यह कदम बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम की चिरस्थायी विरासत और सांस्कृतिक महत्व से प्रेरित है।

HighLights
- देश इस समय वंदे मातरम की रचना के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है
- पत्रों के अंत में भवदीय के स्थान पर वंदे मातरम लिखने का निर्णय लिया है
बंगाल के राज्यपाल डॉ सीवी आनंद बोस ने कहा कि अब से वह अपने आधिकारिक पत्राचार में परंपरागत रूप से प्रयुक्त होने वाले भवदीय के स्थान पर वंदे मातरम लिखेंगे।
लोक भवन के आधिकारिक एक्स हैंडल के माध्यम से इस निर्णय को साझा करते हुए एक अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल का यह कदम बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित वंदे मातरम की चिरस्थायी विरासत और सांस्कृतिक महत्व से प्रेरित है।
अधिकारी ने कहा कि राज्यपाल ने अपने पत्रों के अंत में भवदीय के स्थान पर वंदे मातरम लिखने का निर्णय लिया है। सभी से आग्रह किया कि वे बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय की इस प्रतिष्ठित रचना के प्रति श्रद्धा के प्रतीक के रूप में वंदे मातरम को अपने जीवन और दैनिक गतिविधियों में यथासंभव शामिल और आत्मसात करें।
राज्यपाल बोस के अनुसार, ऐसे प्रयास राष्ट्रगीत वंदे मातरम से जुड़ी एकता, देशभक्ति और सांस्कृतिक गौरव के मूल्यों को बरकरार रखने में सहायक होंगे। मालूम हो कि देश इस समय वंदे मातरम की रचना के 150 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है।



