प्रशासनिक समाचार

राजस्थान में ED का बड़ा एक्शन, बहरोड़ के पूर्व विधायक बलजीत यादव गिरफ्तार

राजस्थान में बहरोड़ विधानसभा सीट के पूर्व निर्दलीय विधायक बलजीत यादव को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने विधायक निधि कोष (एमएलए) के दुरूपयोग के मामले में गिरफ्तार किया है। उनको ईडी की जयपुर क्षेत्रीय इकाई की टीम ने मंगलवार देर रात जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर अलवर के शाहजहापुर टोल प्लाजा के निकट से गिरफ्तार किया।

HighLights

  1. विधायक निधि से सरकारी स्कूलों में साढ़े तीन करोड़ रुपये की घटिया खेल सामग्री वितरित करवाई
  2. वर्ष, 2020 में बहरोड़ विधानसभा के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीदे थे

राजस्थान में बहरोड़ विधानसभा सीट के पूर्व निर्दलीय विधायक बलजीत यादव को ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) ने विधायक निधि कोष (एमएलए) के दुरूपयोग के मामले में गिरफ्तार किया है। उनको ईडी की जयपुर क्षेत्रीय इकाई की टीम ने मंगलवार देर रात जयपुर-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग पर अलवर के शाहजहापुर टोल प्लाजा के निकट से गिरफ्तार किया।

गिरफ्तार करने के बाद ईडी ने विधायक को जयपुर स्थित सीबीआइ मामलों के विशिष्ट न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें तीन दिन के रिमांड पर भेज दिया गया। न्यायाधीश खगेंद्र कुमार शर्मा ने मामले में पांच घंटे तक सुनवाई की।

सुनवाई के दौरान विधायक ने कहा कि मुझे राजनीतिक साजिश के तहत फंसाया जा रहा है। बहरोड़ सीट से वर्तमान भाजपा विधायक जसवंत यादव के मंदबुद्धि पुत्र को विधायक बनाने के लिए मुझे झूठे मामले में फंसाया जा रहा है।

विधायक के वकील भानू प्रकाश शर्मा ने कहा कि सरकारी स्कूलों में खेल सामग्री का वितरण पूरी प्रक्रिया से हुआ था। पंचायत समिति की ओर से ठेके प्रकाशित करवाए गए थे। ठेके में जो फर्म सही मिली उसको खेल की सामग्री की आपूर्ति करने का जिम्मा सौंपा गया था।

वहीं, ईडी के वकील अपेक्षा तिवारी ने कहा कि विधायक को पिछले साल तीन बार पूछताछ के लिए समन भेजे गए थे, लेकिन उन्होंने जांच में सहयोग नहीं किया। इस कारण ईडी को उन्हें गिरफ्तार करना पड़ा।

विधायक पर एमएलए कोष की तीन करोड़ रुपये से अधिक राशि के दुरूपयोग करने का आरोप है। मालूम हो कि पिछले वर्ष जनवरी में ईडी ने विधायक के ठिकानों एवं उनके विश्वस्तों के ठिकानों पर छापेमारी की थी।

ईडी से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष, 2020 में बहरोड़ विधानसभा के 32 सरकारी स्कूलों के लिए बैडमिंटन और क्रिकेट किट खरीदे थे। किट खरीद के नाम पर तीन करोड़ 72 लाख रुपये से अधिक की रकम का दुरुपयोग किया गया।

राज्य भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो की ओर से धन शोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) कानून के तहत रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। इसी बीच ईडी ने जांच शुरू की तो विधायक के विरूद्ध कई आपत्तिजनक दस्तावेज बरामद हुए।

Related Articles

Back to top button