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इंदौर की सोनम से भी शातिर निकली गंगानगर की अंजू, प्रेमी संग मिलकर पति को उतारा मौत के घाट; ऐसे खुला भेद

राजस्थान के श्रीगंगानगर में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है, जहां शादी के तीन महीने बाद एक पत्नी ने अपने प्रेमी और दो अन्य साथियों के साथ मिलकर पति आशीष की बेरहमी से हत्या कर दी। आरोपियों ने इसे सड़क दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की, लेकिन पुलिस की गहन जांच में साजिश का पर्दाफाश हो गया। पुलिस ने मृतक की पत्नी अंजू, उसके प्रेमी संजू और दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

HighLights

  1. पत्नी अंजू ने प्रेमी संग मिलकर पति आशीष की हत्या की
  2. हत्या को सड़क दुर्घटना और लूट का रूप देने की कोशिश की गई
  3. पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर साजिश का खुलासा किया

राजस्थान के श्रीगंगानगर जिले से एक ऐसी सनसनीखेज घटना सामने आई है, जिसने पति-पत्नी के रिश्ते को एक बार फिर शर्मसार कर दिया है। इसे इंदौर के चर्चित राजा रघुवंशी हत्याकांड जैसा ही ‘हनीमून मर्डर’ करार दिया जा रहा है।

दरअसल, एक दुल्हन शादी के तीन महीने बाद अपने पति की बेहरमी से हत्या करा दी और इसे एक सड़क का रूप देने की कोशिश की। लेकिन, पुलिस ने कुछ ही देर में इस घटना का पर्दाफाश कर दिया है। पुलिस ने मृतक आशीष की हत्या के आरोप में उसकी पत्नी, उसके प्रेमी और दो अन्य साथियों को गिरफ्तार किया है।

30 जनवरी की है घटना

यह घटना 30 जनवरी, शुक्रवार शाम की है, जब श्री गंगानगर जिले के रावला थाना क्षेत्र के अनूपगढ़ मार्ग पर आशीष और उसकी पत्नी टहलने निकले थे तभी एक वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। इस दौरान पति आशीष की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अंजू के सोने के गहने लूट लिए गए और उन्हें बेहोश हालत में सड़क पर छोड़ दिया गया।

राजा रघुवंशी जैसा कांड

शुरुआत में यह घटना हिड एंड रन का लग रहा था, लेकिन अचानक घटना ने एक नया मोड़ ले लिया पुलिस को मेघालय में हुए राजा रघुवंशी हत्याकांड की याद दिला दी, जिसकी हनीमून के दौरान पत्नी सोनम ने हत्या करवा दी थी।

पुलिस जांच में हुआ खुलासा

पुलिस जांच में पता चला है कि अंजू ने अपने प्रेमी संजू और दो अन्य लोगों के साथ मिलकर आशीष की हत्या करवाई और इसे एक दुर्घटना का रूप देने की कोशिश की। इसे अब राजस्थान का हनीमून मर्डर कहा जा रहा है।

क्या बोली पुलिस?

श्री गंगानगर की पुलिस अधीक्षक अमृता दुहान ने बताया कि पुलिस को 30 जनवरी की रात करीब 9 बजे सूचना मिली थी कि एक दंपति सड़क पर बेहोश पड़ा है। हमने दुर्घटनास्थल का सर्वेक्षण किया और तकनीकी दृष्टिकोण से जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया। जांच के दौरान पुलिस को संदेह होने लगा क्योंकि उसे जमीनी हकीकत और अंजू के बयान के बीच विसंगतियां नजर आईं।

प्रेमी से संपर्क में थी अंजू

पुलिस सूत्रों के अनुसार, अंजू के फोन रिकॉर्ड से यह भी पता चला कि वह संजू नाम के एक व्यक्ति के साथ नियमित संपर्क में थी, जो उसके घर के पास ही रहता था। 30 जनवरी की रात को अंजू आशीष को एक सुनसान सड़क पर ले गई, जहां कथित तौर पर तीनों हमलावर – संजू और उसके साथी रॉकी, जिसे रोहित के नाम से भी जाना जाता है, और बादल, उर्फ सिद्धार्थ – झाड़ियों में छिपे हुए थे।

ऐसे हुआ खुलासा

तीनों ने मिलकर आशीष पर बेरहमी से हमला किया और उसका गला भी घोंट दिया और फिर इसे सड़क दुर्घटना बताने की कोशिश की। इस दौरान अंजू ने आरोपी को अपना फोन और झुमके दे दिए ताकि लगे कि उसके साथ लूटपाट हुई है। हमले के बाद उसने बेहोश होने का नाटक किया, लेकिन आशीष के शरीर पर चोट के निशानों से साजिश का खुलासा हो गया। पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।

एनडीटीबी की रिपोर्ट के अनुसार,अंजू और आशीष की शादी तीन महीने पहले हुई थी, अंजू शादी से जल्द ही अपने गृहनगर लौट गई। वहां उसका अपने पूर्व प्रेमी संजू से सुलह हो गया और कहा जाता है कि दोनों ने उसी दौरान आशीष की हत्या की योजना बनाई थी।

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