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RajasthanNews: प्रदेश में स्कूल ड्रॉपआउट कम, दाखिले और ट्रांजिशन बढ़े; राज्य सरकार की समीक्षा रिपोर्ट में दावा

RajasthanNews:राज्य सरकार की समीक्षा रिपोर्ट में दावा किया गया है कि  राजस्थान में स्कूल ड्रॉपआउट दर में उल्लेखनीय कमी दर्ज की गई है। प्राथमिक, उच्च प्राथमिक और माध्यमिक स्तर पर छात्रों की पढ़ाई जारी रखने की दर बढ़ी है। बजट 2026-27 में शिक्षा पर बड़ा प्रावधान किया गया है, जिससे डिजिटल शिक्षा, छात्रवृत्ति और सुविधाओं के जरिए विद्यार्थियों को स्कूल से जोड़ने पर जोर रहेगा।

RajasthanNews: राजस्थान बजट सत्र प्रतिपक्ष सरकार को स्कूलों के मुद्दे पर लगातार घेर रहा है। इसी बीच मुख्यमंत्री कार्यालय ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों को लेकर एक समीक्षा रिपोर्ट जारी की है जिसमें दावा किया गया है कि प्रदेश के सरकारी स्कूलों में न सिर्फ छात्रों का ड्रॉप आउट कम हुआ है बल्की नए दाखिले और ट्रांजिशन में भी बढ़ोतरी देखने को मिल रही है। रिपोर्ट के अनुसार  2025–26 के अनुसार प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट 7.6 प्रतिशत से घटकर 3.6 प्रतिशत, उच्च प्राथमिक में 6.8 से 3.6 प्रतिशत और माध्यमिक स्तर पर 11.1 से घटकर 7.7 प्रतिशत रह गया है।

रिपोर्ट में छात्रों के अगले स्तर पर जाने की दर में भी सुधार दर्ज किया गया है। माध्यमिक से उच्च माध्यमिक में ट्रांजिशन रेट 82.6 प्रतिशत से बढ़कर 88.2 प्रतिशत तथा प्राथमिक से उच्च प्राथमिक में 90.7 प्रतिशत से बढ़कर 93.8 प्रतिशत हो गया है।

इस बजट में भी शिक्षा के लिए वाउचर और लैपटॉप के लिए सहायता
राज्य सरकार की ओर से 2026-27 के बजट में शिक्षा क्षेत्र के लिए बड़े प्रावधान किए गए हैं। प्राथमिक शिक्षा के लिए 21,646 करोड़ रुपये और माध्यमिक शिक्षा के लिए 19,473 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। समग्र शिक्षा अभियान के तहत प्राथमिक के लिए 13,767 करोड़ और माध्यमिक के लिए 2,821 करोड़ रुपये प्रस्तावित हैं। वहीं, आरटीई शुल्क प्रतिपूर्ति के लिए 1,250 करोड़ और पीएम-श्री योजना के लिए 434 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए हैं। सरकार ने लाभ वितरण में पारदर्शिता के लिए डीबीटी और ई-वाउचर व्यवस्था लागू करने की घोषणा की है। कक्षा 8, 10 और 12 के मेधावी छात्रों को टैबलेट या लैपटॉप खरीदने के लिए 20 हजार रुपये तक दिए जाएंगे। करीब 3.9 लाख छात्राओं को निशुल्क साइकिल और कक्षा 1 से 8 तक के 40 लाख से अधिक विद्यार्थियों को डीबीटी के जरिए निशुल्क यूनिफॉर्म उपलब्ध कराई जाएगी, जिसके लिए 250 करोड़ रुपये रखे गए हैं।

मुफ्त पाठ्यपुस्तक योजना के तहत 2025–26 सत्र में 80 लाख छात्रों को 4 करोड़ से अधिक किताबें वितरित की गईं। आगामी सत्र के लिए कक्षा 1 से 8 के लिए 150 करोड़ और माध्यमिक स्तर के लिए 90 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। रोजगारोन्मुखी और डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए 500 अतिरिक्त स्कूलों में व्यावसायिक पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। ‘स्कूल टू वर्क’, ‘स्कूल ऑन व्हील्स’, जयपुर व जोधपुर में स्पेस गैलरी और 1,000 स्कूलों में एआई आधारित लर्निंग लैब स्थापित करने का प्रस्ताव है। साथ ही 400 स्कूलों को चरणबद्ध तरीके से सीएम राइज स्कूल के रूप में विकसित करने के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित किए गए हैं।

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