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राजस्थान में गैस माफिया पर सरकार का महाप्रहार, अवैध रिफिलिंग अड्डों पर छापे।

अवैध गैस कारोबारियों की खैर नहीं, एफआईआर और जब्ती की तैयारी।

 राजस्थान में अवैध गैस रिफिलिंग पर महाअभियान! कालाबाजारी, गैस माफिया और घरेलू सिलेंडरों के दुरुपयोग पर सरकार का सख्त प्रहार।

मनोज कुमार सोनी जयपुर | राजस्थान सरकार ने प्रदेश में तेजी से फैल रहे अवैध गैस रिफिलिंग नेटवर्क पर बड़ी कार्रवाई शुरू कर दी है। घरेलू एलपीजी सिलेंडरों की कालाबाजारी और व्यावसायिक उपयोग के मामलों को गंभीरता से लेते हुए खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने प्रदेशव्यापी विशेष अभियान के आदेश जारी किए हैं।

सरकार को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि घरेलू सब्सिडी वाले सिलेंडरों को होटल, ढाबों और रेस्टोरेंट में अवैध रूप से इस्तेमाल किया जा रहा है। कई जगहों पर अवैध रिफिलिंग अड्डों के जरिए गैस को एक सिलेंडर से दूसरे में ट्रांसफर कर भारी मुनाफाखोरी की जा रही थी।

सूत्रों के अनुसार यह अवैध कारोबार कई जिलों में संगठित रूप से संचालित हो रहा था। प्रशासन को आशंका है कि इसमें स्थानीय स्तर पर सप्लाई चेन, परिवहन नेटवर्क और भंडारण व्यवस्था से जुड़े लोग भी शामिल हो सकते हैं।

 क्या होगी कार्रवाई? राज्य सरकार ने सभी जिला कलेक्टरों, जिला रसद अधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों को संयुक्त टीम बनाकर त्वरित छापेमारी के निर्देश दिए हैं।

अवैध गैस रिफिलिंग अड्डों की पहचान,घरेलू सिलेंडरों के व्यावसायिक उपयोग की जांच,संदिग्ध गोदामों की तलाशी,परिवहन वाहनों की चेकिंग,गैस एजेंसियों के रिकॉर्ड की जांच,जहां भी अनियमितता मिलेगी, वहां तुरंत सिलेंडर जब्त किए जाएंगे और संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इन धाराओं में दर्ज होंगे केस दोषियों पर आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 और एलपीजी (विनियमन) आदेश के तहत प्रकरण दर्ज किए जाएंगे। इसमें लाइसेंस रद्द करने, भारी जुर्माना लगाने और जेल की सजा तक का प्रावधान है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार सिर्फ चेतावनी नहीं, बल्कि सीधी कानूनी कार्रवाई होगी।

बड़ा खतरा जन सुरक्षा से खिलवाड़ विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध गैस रिफिलिंग बेहद खतरनाक प्रक्रिया है। बिना सुरक्षा मानकों के सिलेंडर में गैस ट्रांसफर करना कभी भी बड़े विस्फोट का कारण बन सकता है। प्रदेश में पूर्व में भी ऐसे हादसे हो चुके हैं जिनमें जान-माल का भारी नुकसान हुआ था।

आम जनता पर असर कालाबाजारी के कारण कई इलाकों में गैस सिलेंडरों की कृत्रिम कमी पैदा कर दी जाती है। उपभोक्ताओं को तय कीमत से ज्यादा रकम चुकानी पड़ती है। सरकार का मानना है कि इस अभियान से न सिर्फ अवैध कारोबार पर रोक लगेगी बल्कि आम उपभोक्ता को राहत मिलेगी।

निगरानी तंत्र हुआ मजबूत राज्य स्तर पर विशेष मॉनिटरिंग सेल का गठन किया गया है जो जिलों से रोजाना रिपोर्ट लेगा। अभियान की प्रगति की साप्ताहिक समीक्षा भी की जाएगी। अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश हैं कि किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

सरकार का सख्त संदेश सरकार ने दो टूक कहा है कि जो भी व्यक्ति या गिरोह अवैध गैस रिफिलिंग और कालाबाजारी में लिप्त पाया जाएगा, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। प्रशासन ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि ऐसी गतिविधियों की सूचना तुरंत संबंधित विभाग को दें।

क्राइम इंडिया T.V लगातार इस अभियान की जमीनी हकीकत पर नजर रखे हुए है हमारी टीम प्रदेश के विभिन्न जिलों से छापेमारी और कार्रवाई की एक्सक्लूसिव जानकारी आप तक पहुंचाती रहेगी।गैस माफिया पर यह प्रहार कितना प्रभावी साबित होगा, यह आने वाले दिनों में साफ होगा लेकिन फिलहाल इतना तय है कि सरकार ने इस बार सख्त रुख अपनाया है।

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