शिवाजी महाराज-टीपू सुल्तान तुलना विवाद: महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष सपकाल ने मांगी माफी

छत्रपति शिवाजी महाराज की टीपू सुल्तान से तुलना करने पर महाराष्ट्र कांग्रेस अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने माफी मांगी है। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाएं आहत करना नहीं था और उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया। सपकाल ने स्पष्ट किया कि उनका लक्ष्य सरकारी कार्यालयों में विभिन्न राष्ट्रीय हस्तियों के चित्रों के माध्यम से एकता को बढ़ावा देना था। इस तुलना के बाद पुणे में उनके खिलाफ प्राथमिकी भी दर्ज की गई है।
HighLights
- सपकाल ने शिवाजी-टीपू सुल्तान तुलना पर मांगी माफी।
- कहा, टिप्पणियों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
- पुणे में सपकाल के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई।
छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से करने पर आलोचनाओं का सामना कर रहे महाराष्ट्र कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्द्धन सपकाल ने माफी मांगते हुए कहा कि उनका उद्देश्य किसी की भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था। उन्होंने दोहराया कि सामाजिक तनाव पैदा करने के लिए उनकी टिप्पणियों को जानबूझकर तोड़-मरोड़ कर पेश किया गया।
उन्होंने कहा कि उनकी टिप्पणी का उद्देश्य सरकारी कार्यालयों में विभिन्न राष्ट्रीय हस्तियों के चित्रों को एक साथ प्रदर्शित कर एकता को बढ़ावा देना था। सपकाल ने आरोप लगाया कि उनके भाषण के एक हिस्से को संदर्भ से हटाकर इंटरनेट मीडिया पर इस तरह फैलाया गया कि यह गलत धारणा बन गई कि उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज की तुलना टीपू सुल्तान से की थी।
मालेगांव महानगर पालिका की उप महापौर निहाल अहमद के कार्यालय में टीपू सुल्तान का चित्र लगाए जाने के बाद विवाद शुरू हुआ। सपकाल ने टीपू सुल्तान की तुलना छत्रपति शिवाजी महाराज से की थी। इस तुलना के कारण पुणे में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि राज्य शिवाजी महाराज के अपमान को बर्दाश्त नहीं करेगा।



