औद्योगिक क्षेत्र में अवैध पटाखा फैक्ट्रियों पर छापा, मालिक और मैनेजर हिरासत में

औद्योगिक क्षेत्र में पुलिस ने दो फैक्ट्रियों और एक गोदाम पर छापेमारी कर अवैध पटाखा निर्माण का भंडाफोड़ किया। भारी मात्रा में कच्चा माल, मशीनें और तैयार पटाखे जब्त हुए। मालिक हेमंत शर्मा व मैनेजर हिरासत में हैं। लाइसेंस, सुरक्षा उल्लंघन और नाबालिग मजदूरी की जांच जारी है।

एडिशनल एसपी अतुल साहू ने बताया कि तीनों इकाइयां शाहजहांपुर (कोटपूतली-बहरोड़) निवासी हेमंत कुमार शर्मा के नाम लीज पर ली गई थीं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यहां बिना वैध लाइसेंस के पटाखों का निर्माण और भंडारण किया जा रहा था। संबंधित विभागों से लाइसेंस और एनओसी की पुष्टि की जा रही है।

भारी मात्रा में कच्चा माल और मशीनें बरामद
छापेमारी के दौरान पुलिस को फैक्ट्री परिसर से पटाखा बनाने की मशीनें, रासायनिक मिश्रण, बारूदनुमा पदार्थ, खाली खोल, फ्यूज वायर, पैकिंग सामग्री और अन्य उपकरण मिले। गोदाम से तैयार पटाखों की बड़ी खेप जब्त की गई है। जब्त सामग्री का वजन और बाजार मूल्य का आकलन किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार लाखों रुपये का माल बरामद हुआ है।
मजदूरों की सुरक्षा से खिलवाड़, नाबालिगों की आशंका
जांच में यह भी सामने आया है कि इकाइयों में सुरक्षा मानकों का गंभीर उल्लंघन किया जा रहा था। अग्निशमन उपकरण पर्याप्त नहीं थे और आपात निकास की व्यवस्था भी अधूरी थी। पुलिस को आशंका है कि यहां कई मजदूरों से जोखिम भरे हालात में काम कराया जा रहा था, जिनमें कुछ नाबालिग भी हो सकते हैं। श्रम विभाग को सूचित कर रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं।

अंदरूनी मदद की जांच
मामले में हेमंत कुमार शर्मा के भाई, हेड कांस्टेबल योगेश कुमार शर्मा की संभावित भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि क्या अवैध गतिविधियों को संरक्षण या किसी प्रकार की अंदरूनी सहायता मिली थी।

अन्य इकाइयों की भी जांच
हालिया आग की घटना के बाद प्रशासन ने पूरे औद्योगिक क्षेत्र में सख्ती बढ़ा दी है। संयुक्त टीम द्वारा अन्य फैक्ट्रियों का निरीक्षण किया जा रहा है। पुलिस ने विस्फोटक अधिनियम, फैक्ट्री अधिनियम और श्रम कानूनों के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि जांच आगे बढ़ने पर और खुलासे संभव हैं।



