मदरसे में नकली नोटों का ‘जखीरा’… इमाम के कमरे में पुलिस पहुंची तो हैरान करने वाला नजारा,फटी रह गईं आंखें!
खंडवा एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर प्रतीत हो रहा है।

पुलिस को शक, विदेशी नेटवर्क या आतंकी फंडिंग से जुड़ा हो सकता है पूरा गिरोह।
खंडवा में 19 लाख के फर्जी नोट बरामद, महाराष्ट्र से जुड़ा तार, बड़ा नेटवर्क बेनकाब होने की आशंका।

क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क।
मनोज कुमार सोनी। मध्य प्रदेश के खंडवा जिले के पईठिया गांव में उस वक्त हड़कंप मच गया जब एक मदरसे से पुलिस ने करीब 19 लाख रुपये के नकली नोटों का जखीरा बरामद किया। पुलिस की टीम जब इमाम के कमरे तक पहुंची तो वहां बिखरे पड़े नोटों के बंडल देखकर हर किसी की आंखें फटी की फटी रह गईं। जांच में पता चला कि यह वही इमाम है जुबैर अंसारी, जिसे कुछ दिन पहले महाराष्ट्र के मालेगांव में 10 लाख रुपये की फर्जी करेंसी के साथ गिरफ्तार किया गया था।
सूत्रों के अनुसार, खंडवा पुलिस को महाराष्ट्र एटीएस से सूचना मिली थी कि नकली नोटों का नेटवर्क सीमावर्ती इलाकों में सक्रिय है। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने पईठिया गांव के मदरसे में छापा मारा। जब तलाशी ली गई तो मदरसे के एक कमरे में अलमारी और बिस्तर के नीचे बड़ी मात्रा में नकली नोटों के बंडल मिले। सभी नोट 500 और 2000 रुपये के थे, जिनकी छपाई बेहद असली जैसी लग रही थी।

पुलिस ने मौके से कलर प्रिंटर, स्कैनर, विशेष प्रकार का पेपर, स्याही और कटर मशीनें भी जब्त की हैं। माना जा रहा है कि यह पूरा गिरोह लंबे समय से फर्जी करेंसी का धंधा कर रहा था और देश के अलग-अलग राज्यों में नकली नोटों की सप्लाई की जा रही थी।
स्थानीय लोगों के अनुसार, इमाम जुबैर अंसारी पिछले दो साल से मदरसे में पढ़ाने के साथ-साथ बाहर से आने-जाने वालों से लगातार मुलाकातें करता था। ग्रामीणों को कभी शक नहीं हुआ कि धार्मिक शिक्षा देने वाला व्यक्ति इस तरह की आपराधिक गतिविधियों में शामिल हो सकता है।
खंडवा एसपी ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला गंभीर प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने एफएसएल टीम को मौके पर बुलाकर नकली नोटों की जांच कराई है। शुरुआती रिपोर्ट के मुताबिक यह करेंसी बेहद उच्च गुणवत्ता की है, जिसे आम व्यक्ति असली-नकली में पहचान नहीं सकता।
अब पुलिस इस बात की पड़ताल में जुटी है कि यह नोट कहां छापे जा रहे थे और इनके पीछे कौन-सा नेटवर्क सक्रिय है। जांच एजेंसियां यह भी जानने की कोशिश कर रही हैं कि क्या यह फर्जी करेंसी विदेशी नेटवर्क या किसी आतंकी फंडिंग चैनल से जुड़ी है।
पुलिस ने मदरसे को फिलहाल सील कर दिया है और वहां पढ़ने वाले सभी बच्चों और शिक्षकों से पूछताछ की जा रही है। गांव के लोग भी इस घटना से स्तब्ध हैं। कई लोगों ने कहा कि “मदरसे के नाम पर इस तरह की गंदी हरकत पूरे समाज को बदनाम करती है।
पुलिस का कहना है कि महाराष्ट्र और मध्य प्रदेश दोनों की टीमें मिलकर इस मामले की तह तक जाएंगी। मोबाइल कॉल डिटेल, बैंक लेनदेन और संदिग्धों के संपर्कों की जांच की जा रही है। आने वाले दिनों में इस गिरोह के और भी बड़े राज खुल सकते हैं।
एक अधिकारी ने बताया कि नकली नोटों के गिरोह अक्सर धार्मिक स्थलों या शैक्षणिक संस्थानों को ढाल बनाकर छिपे रहते हैं, ताकि उन पर किसी को शक न हो। इस मामले में भी वैसा ही प्रतीत हो रहा है।
फिलहाल इमाम जुबैर अंसारी को महाराष्ट्र पुलिस ने हिरासत में ले लिया है, और खंडवा पुलिस उसकी ट्रांजिट रिमांड की तैयारी कर रही है ताकि उससे पूछताछ की जा सके। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ के बाद देशभर में फैले फर्जी करेंसी रैकेट के कई और चेहरे सामने आएंगे।



