जयपुर गोपी नाथ जी स्पेशल इन्वेस्टिगेशन रिपोर्ट

यूपी के बाद अब राजस्थान के बच्चे भी स्कूल में पढ़ेंगे समाचार पत्र, प्रार्थना-सभा में अखबार होगा उपलब्ध

सरकारी स्कूलों में शिक्षा को पुस्तकों से आगे ले जाकर व्यवहारिक और समसामयिक बनाने की दिशा में राजस्थान सरकार ने भी अहम पहल की है। उत्तर प्रदेश के बाद अब राजस्थान के सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों को समाचार पत्र पढ़ने का अवसर मिलेगा। प्रार्थना सभा के दौरान एक हिंदी और एक अंग्रेजी समाचार पत्र का वाचन कराया जाएगा, जिससे बच्चे देश-दुनिया की घटनाओं से जुड़ सकें

HighLights

  1. शिक्षा को पुस्तकों से आगे ले जाकर व्यवहारिक बनाने की दिशा में सरकार ने की अहम पहल
  2. इससे बच्चे देश-दुनिया की घटनाओं से जुड़ सकेंगे और उनकी भाषा व समझ का स्तर होगा बेहतर
  3. प्रार्थना-सभा में हिंदी व अंग्रेजी का अखबार होगा उपलब्ध, प्रतिदिन पांच नए शब्दों का बताया जाएगा अर्थ

 सरकारी स्कूलों में शिक्षा को पुस्तकों से आगे ले जाकर व्यवहारिक और समसामयिक बनाने की दिशा में राजस्थान सरकार ने भी अहम पहल की है। उत्तर प्रदेश के बाद अब राजस्थान के सरकारी स्कूलों में भी विद्यार्थियों को समाचार पत्र पढ़ने का अवसर मिलेगा।

प्रार्थना सभा के दौरान एक हिंदी और एक अंग्रेजी समाचार पत्र का वाचन कराया जाएगा, जिससे बच्चे देश-दुनिया की घटनाओं से जुड़ सकें और उनकी भाषा व समझ का स्तर बेहतर हो।

हाल के दिनों में उत्तर प्रदेश सरकार ने सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों के लिए समाचार पत्र वाचन की व्यवस्था लागू की थी। इसका उद्देश्य बच्चों की भाषा, शब्दावली और समसामयिक समझ को मजबूत करना था। अब राजस्थान ने भी इसी माडल को अपनते हुए इसे अपनी शिक्षा व्यवस्था में लागू करने का निर्णय लिया है।

राज्य सरकार के आदेश के अनुसार सभी सरकारी स्कूलों की लाइब्रेरी (वाचनालय) में समाचार पत्र उपलब्ध कराए जाएंगे। उच्च माध्यमिक विद्यालयों में कम से कम दो समाचार पत्र अनिवार्य होंगे, जिनमें एक हिंदी और एक अंग्रेजी का होगा।

वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में दो हिंदी समाचार पत्र रखे जाएंगे। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक स्तर के विद्यार्थियों को नियमित रूप से अखबार पढ़ने की आदत पड़े।

शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने स्पष्ट किया कि प्रार्थना सभा में पढ़े जाने वाले समाचार पत्रों से प्रतिदिन पांच नए शब्दों का चयन कर विद्यार्थियों को उनके अर्थ समझाए जाएंगे। इससे बच्चों की शब्दावली में निरंतर वृद्धि होगी और वे भाषा को बेहतर ढंग से समझ व प्रयोग कर सकेंगे। यह अभ्यास बच्चों में पढ़ने, सुनने और सोचने की क्षमता को एक साथ विकसित करेगा।

बच्चों को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों की समझ देगा अखबार

शिक्षा विभाग का मानना है कि समाचार पत्रों का नियमित वाचन बच्चों को सामाजिक, राजनीतिक और आर्थिक मुद्दों की समझ देगा। इससे उनमें विश्लेषण करने की क्षमता विकसित होगी और वे जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में आगे बढ़ेंगे। सरकार का यह कदम शिक्षा को अधिक जीवंत, व्यावहारिक और उपयोगी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास माना जा रहा है।

कृषि विज्ञान विषय की पढ़ाई अब अंग्रेजी माध्यम में भी

इसी कड़ी में राजस्थान सरकार ने शिक्षा को समय की मांग के अनुरूप बनाने के लिए कृषि विज्ञान की पढ़ाई में भी बड़ा बदलाव किया है। आगामी शिक्षा सत्र से कक्षा 11 और 12 में कृषि विज्ञान विषय को अंग्रेजी माध्यम में भी पढ़ाया जाएगा। अब तक यह विषय केवल हिंदी माध्यम में उपलब्ध था।

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा अंग्रेजी माध्यम की पुस्तकें तैयार कराई जाएंगी। वर्तमान में कृषि विज्ञान की पढ़ाई कर रहे एक लाख से अधिक विद्यार्थियों को इस निर्णय से लाभ मिलने की संभावना है।

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