प्रशासनिक समाचार

सिकराय विधायक ने कहा,पूजा जैसी बेटियाँ प्रदेश का भविष्य संवार रही हैं।

बेटियाँ समाज की ताकत हैं,विधायक बंसिवाल ने दी शुभकामनाएँ

RAS में चयन पर विधायक विक्रम बंसिवाल ने अपने निवास पर बुलाकर किया सम्मानित, क्षेत्र में खुशी की लहर।

क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क। दौसा ज़िल के कैलाई गाँव की बेटी पूजा उपाध्याय ने राजस्थान प्रशासनिक सेवा (RAS) परीक्षा में चयनित होकर न केवल अपने परिवार, बल्कि पूरे क्षेत्र का मान बढ़ाया है। पूजा की इस उपलब्धि ने ग्रामीण अंचल में एक नई प्रेरणा का संचार किया है। जैसे ही उनके चयन की खबर गाँव पहुँची, घर-घर में खुशी की लहर दौड़ गई।

पूजा उपाध्याय की इस शानदार सफलता पर सिकराय के लोकप्रिय विधायक विक्रम बंसिवाल ने उन्हें अपने सिकराय स्थित आवास पर आमंत्रित कर सम्मानित किया। विधायक ने पूजा का स्वागत शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह और पुष्पगुच्छ भेंट कर किया तथा उनके उज्जवल भविष्य की शुभकामनाएँ दीं।

विधायक बंसिवाल ने कहा कि पूजा जैसी बेटियाँ पूरे समाज की प्रेरणा हैं। ग्रामीण परिवेश से निकलकर प्रशासनिक सेवा में चयन होना आसान नहीं, लेकिन पूजा ने यह साबित कर दिया कि मेहनत, धैर्य और लगन से हर सपना साकार किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि ऐसे प्रतिभावान युवाओं पर पूरे क्षेत्र को गर्व है और यह सफलता आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा बनेगी।

विधायक ने पूजा के माता-पिता की भी सराहना करते हुए कहा कि उनके संस्कार और प्रोत्साहन के कारण ही यह गौरवशाली पल आया है। उन्होंने कहा कि जब बेटियाँ आगे बढ़ती हैं तो पूरा समाज प्रगति करता है।

इस अवसर पर पूजा उपाध्याय ने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता, गुरुजनों और निरंतर प्रयास को दिया। उन्होंने कहा कि वे हमेशा से समाज सेवा की भावना से प्रेरित रही हैं और अब एक RAS अधिकारी के रूप में आमजन की समस्याओं को सुनना, समझना और समाधान करना उनका लक्ष्य रहेगा।

पूजा ने यह भी कहा कि असफलता से डरने की बजाय उसे सीख के रूप में लेना चाहिए। उन्होंने क्षेत्र के युवाओं से अपील की कि वे डिजिटल माध्यमों और उपलब्ध संसाधनों का सदुपयोग करते हुए प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में आगे बढ़ें।

समारोह में विधायक निवास पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, शिक्षाविद, समाजसेवी, प्रशासनिक अधिकारी और ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। सभी ने पूजा उपाध्याय का स्वागत किया और इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर गर्व जताया। कार्यक्रम में मिठाइयाँ बाँटी गईं और “बेटी पढ़ाओ, समाज बढ़ाओ” के नारे गूंजते रहे।

गाँव कैलाई में भी पूजा की सफलता को लेकर जश्न का माहौल है। गाँव की गलियों में ढोल-नगाड़े बजे, लोगों ने घरों पर दीप जलाए और पूजा के परिवार को बधाइयाँ दीं। ग्रामीणों ने कहा कि पूजा उपाध्याय ने यह दिखा दिया कि गाँव की बेटियाँ भी अगर ठान लें तो ऊँचाइयाँ छू सकती हैं।

पूजा की यह उपलब्धि न केवल उनके परिवार बल्कि पूरे दौसा जिले के लिए गौरव का विषय है। उन्होंने यह साबित किया है कि छोटे गाँवों से भी बड़े सपने पूरे किए जा सकते हैं।

बेटियाँ वो दीप हैं जो संघर्ष की आँधियों में भी रोशनी फैलाती हैं।पूजा उपाध्याय आज उस दीप की तरह हैं जिसने अपने परिश्रम से कैलाई गाँव ही नहीं, बल्कि पूरे राजस्थान को गर्व महसूस करवाया है।

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