आस्था

चंगाई सभा के आयोजन पर सवाल उठते ही कोरबा में हिंदू संगठनों और मसीही समाज आमने-सामने आ गए।

धार्मिक गतिविधि से उपजा सामाजिक तनाव

घटना की पृष्ठभूमि

छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में एक बार फिर धार्मिक गतिविधियों को लेकर विवाद सामने आया है। कटघोरा क्षेत्र के अंतर्गत सुतर्रा पेट्रोल पंप के पास आयोजित एक चंगाई सभा ने स्थानीय स्तर पर तनाव की स्थिति पैदा कर दी। यह सभा पास्टर बजरंग जायसवाल द्वारा आयोजित की गई थी, जिन पर पहले भी बिना अनुमति धार्मिक प्रचार करने के आरोप लग चुके हैं।

बिना अनुमति आयोजन का आरोप

प्रशासनिक नियमों के अनुसार किसी भी सार्वजनिक धार्मिक कार्यक्रम के लिए पूर्व अनुमति आवश्यक होती है। आरोप है कि पास्टर बजरंग जायसवाल ने इस नियम का पालन किए बिना चंगाई सभा का आयोजन किया। इससे पहले भी वे इसी तरह के मामले में गिरफ्तार हो चुके थे और हाल ही में जेल से रिहा हुए थे। रिहाई के बाद फिर से सभा आयोजित करना कानून की अवहेलना के रूप में देखा गया।

हिंदू संगठनों का विरोध

सभा की सूचना मिलते ही बजरंग दल, हिंदू महासभा और भाजपा से जुड़े कार्यकर्ता मौके पर पहुंच गए। उन्होंने आरोप लगाया कि चंगाई सभा की आड़ में मतांतरण का प्रयास किया जा रहा है। नारेबाजी शुरू हुई और कार्यक्रम को तत्काल बंद कराने की मांग की गई।

मसीही समाज की प्रतिक्रिया

हिंदू संगठनों के विरोध के बीच मसीही समाज के 350 से अधिक लोग भी वहां एकत्रित हो गए। उनका कहना था कि यह एक धार्मिक प्रार्थना सभा थी और इसे गलत तरीके से प्रस्तुत किया जा रहा है। दोनों पक्षों की मौजूदगी से माहौल तनावपूर्ण हो गया।

धक्का-मुक्की और पुलिस हस्तक्षेप

स्थिति बिगड़ती देख पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों के बीच धक्का-मुक्की की सूचना भी सामने आई। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया और कार्यक्रम को बंद कराया।

पुलिस कार्रवाई और मामला दर्ज

सुतर्रा के सरपंच की शिकायत पर कटघोरा थाने में मामला दर्ज किया गया। थाना प्रभारी धर्मनारायण तिवारी के अनुसार कार्यक्रम स्थल के मालिक रामकुमार पोर्ते, पास्टर की पत्नी संतोषी और पुत्र वरुण के खिलाफ धार्मिक भावना को ठेस पहुंचाने का मामला दर्ज किया गया है।

निष्कर्ष

यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि बिना अनुमति धार्मिक गतिविधियां किस तरह सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकती हैं। प्रशासन के लिए यह एक चुनौती है कि वह कानून का पालन सुनिश्चित करे और शांति व्यवस्था बनाए रखे।

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