भूपेश बघेल ने भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव मिलने का दावा किया , इनकार के बाद केंद्रीय एजेंसियों द्वारा छापे मारे जाने का आरोप लगाया।

छत्तीसगढ़ के पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने दावा किया है कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव मिला था। इनकार करने पर केंद्रीय एजेंसियों ने उनके ठिकानों पर छापे मारे। बघेल ने पीएम मोदी और अमित शाह से मुलाकात के बाद छापों का आरोप लगाया, जिसे उन्होंने भाजपा में शामिल होने का दबाव बनाने की रणनीति बताया। उनके बेटे की गिरफ्तारी का भी उल्लेख है।
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इसे भाजपा में शामिल होने के लिए दबाव की रणनीति बताया।
छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने केंद्र सरकार और भाजपा नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक गलियारों में हलचल मचा दी है। राज्यसभा सदस्य कपिल सिब्बल के पॉडकास्ट में बघेल ने दावा किया कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का प्रस्ताव दिया गया था, इनकार करने पर केंद्रीय एजेंसियों के छापे पड़वाए गए।
ये वीडियो इंटरनेट मीडिया में प्रसारित हो गया है। इसमें भूपेश बघेल ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें कई बार बातचीत के लिए बुलाया था। आरोप लगाया कि जब वे इन मुलाकातों से बिना किसी राजनीतिक कमिटमेंट के लौटते थे तो उसके 8-10 दिनों के भीतर ही उनके ठिकानों पर छापेमारी शुरू हो जाती थी।
बघेल के अनुसार, मुलाकात के दौरान उनसे उनके खिलाफ चल रहे केस और भरोसेमंद अधिकारियों के बारे में पूछा जाता था और मदद की पेशकश की जाती थी।
प्रधानमंत्री से शिकायत का भी असर नहीं
एक वाकया साझा करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री ने बताया कि एक बार छापेमारी के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को फोन कर कहा कि आपने मदद की बात कही थी, लेकिन यहां तो छापे पड़ रहे हैं। इस पर प्रधानमंत्री ने अधिकारियों से बात करने का आश्वासन दिया, लेकिन कार्रवाई नहीं रुकी। बाद में समझ आया कि ये छापे भाजपा में शामिल करने के लिए दबाव बनाने की रणनीति का हिस्सा थे।
बता दें कि ईडी ने 18 जुलाई, 2025 को शराब घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बघेल के बेटे चैतन्य बघेल को गिरफ्तार किया था। उन पर घोटाले की रकम रियल एस्टेट में निवेश करने और करोड़ों की हेराफेरी के आरोप हैं। चैतन्य को इस साल दो जनवरी को हाई कोर्ट से जमानत मिल चुकी है।



