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सरकार का बड़ा फैसला: DTC कर्मचारी होंगे दिल्ली के प्रदूषण रोकने वाले नए योद्धा।

डीटीसी ड्राइवरों और कंडक्टरों को मिलेगा नया अवसर, प्रदूषण नियंत्रण में निभाएंगे अहम भूमिका — दिल्ली सरकार

दिल्ली सरकार ने राजधानी में प्रदूषण नियंत्रण को सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। परिवहन व्यवस्था में तेजी से हो रहे इलेक्ट्रिक बसों के विस्तार और क्लस्टर मॉडल के चलते निष्क्रिय हो चुके DTC ड्राइवरों एवं कंडक्टरों को अब पर्यावरण संरक्षण और यातायात प्रबंधन के कार्यों में पुनर्नियोजित किया जाएगा। यह निर्णय हाल ही में आयोजित रिव्यू मीटिंग में लिया गया, जिसमें प्रदूषण मॉनिटरिंग की कमज़ोर फील्ड उपस्थिति को मजबूती देने की आवश्यकता को प्रमुखता दी गई।


यातायात पुलिस और DPCC में होगा पुनर्नियोजन

दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि डीटीसी के प्रशिक्षित कर्मचारी, जो वर्तमान में अनुपयोगी बैठे हैं, उन्हें दिल्ली पॉल्यूशन कंट्रोल कमेटी (DPCC) और ट्रैफिक पुलिस के विभागों में फील्ड सर्विलांस और मॉनिटरिंग से संबंधित कार्यों के लिए तैनात किया जाएगा। ये कर्मचारी वाहन प्रदूषण, औद्योगिक गतिविधियों, कचरा जलाने, धूल प्रदूषण तथा निर्माण स्थलों की निगरानी में सीधे योगदान देंगे।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार, वर्तमान में डीटीसी में 5,714 नियमित कर्मचारी और 23,054 कॉन्ट्रैक्ट कर्मचारी कार्यरत हैं, जिनमें से बड़ी संख्या में कर्मचारी परिवहन व्यवस्था में बदलाव के कारण सक्रिय भूमिका में नहीं हैं।


पर्यावरण मॉनिटरिंग को मिलेगी मजबूती

DPCC द्वारा बार-बार यह संकेत दिया गया कि प्रदूषण नियंत्रण के क्षेत्र में पर्याप्त फील्ड स्टाफ का अभाव है, जिसके कारण वास्तविक समय में निगरानी और प्रवर्तन की कार्रवाई प्रभावी रूप से नहीं हो पा रही थी। इस निर्णय के तहत, DTC कर्मचारियों को प्रदूषण संबंधी नियमों के उल्लंघन की रिपोर्टिंग, रियल-टाइम मॉनिटरिंग और आवश्यक होने पर चालान प्रक्रिया में भी शामिल किया जाएगा।


प्रशिक्षण और कार्य विभाजन की रूपरेखा

दिल्ली सरकार ने स्पष्ट किया है कि इन कर्मचारियों को नई जिम्मेदारी के अनुरूप प्रशिक्षण दिया जाएगा। उन्हें पर्यावरण संबंधित कानूनों, ई-विहिकल पॉलिसी, एयर क्वालिटी मॉनिटरिंग और ट्रैफिक नियमों की जानकारी प्रदान की जाएगी।
कार्य वितरण इस प्रकार होगा:

  • DPCC — फील्ड निरीक्षण, प्रदूषण स्रोत की पहचान, रिपोर्टिंग और नियम अनुपालन की जांच।

  • ट्रैफिक पुलिस — प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की चेकिंग, चालान और ट्रैफिक मॉनिटरिंग।

  • एनवायरनमेंट डिपार्टमेंट — समन्वय, डेटा शेयरिंग, पर्यावरण नियमों की निगरानी।


सकारात्मक प्रभाव और भविष्य की योजना

इस पहल से न केवल पर्यावरण सुरक्षा के प्रयासों को मजबूती मिलेगी, बल्कि प्रशिक्षित और अनुभवी DTC कर्मचारियों को पुन: रोजगार का अवसर भी प्राप्त होगा। साथ ही, सरकार इसे ग्रीन एम्प्लॉयमेंट मॉडल के रूप में आगे बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसमें DTC कर्मचारियों को स्थायी तौर पर पर्यावरण मिशन से जोड़ा जा सकता है।

सरकार का मानना है कि यह कदम न सिर्फ बेरोजगारी की समस्या को कम करेगा, बल्कि दिल्ली की वायु गुणवत्ता सुधारने में भी एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। यह मॉडल भविष्य में अन्य राज्यों के लिए भी एक उदाहरण बन सकता है।


सरकार की आधिकारिक टिप्पणी

परिवहन और पर्यावरण विभाग के संयुक्त बयान में कहा गया —
“दिल्ली की स्वच्छ हवा और सुरक्षित भविष्य के लिए सरकार संकल्पबद्ध है। DTC कर्मचारियों की विशेषज्ञता का उपयोग प्रदूषण नियंत्रण और यातायात अनुशासन को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। यह निर्णय पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक महत्वपूर्ण और व्यवहारिक कदम है।”


जारीकर्ता:
जनसंपर्क कार्यालय,
दिल्ली सरकार

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