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सोना-चांदी खरीदना हुआ महंगा: MCX ने इतना बढ़ा दिया मार्जिन, ट्रेडर्स की जेब पर कैसे पड़ेगा असर?

Gold Silver Margin Increase: MCX ने सोने-चांदी के वायदा अनुबंधों पर मार्जिन बढ़ा दिया है, जिससे अब इनकी ट्रेडिंग महंगी हो जाएगी। 5 फरवरी 2026 से चांदी पर 4.5% और सोने पर 1% अतिरिक्त मार्जिन लगेगा, जो 6 फरवरी से बढ़कर क्रमशः 7% और 3% हो जाएगा। कमोडिटी एक्सपर्ट अनुज गुप्ता के अनुसार, यह कदम बाजार में बढ़ती अस्थिरता के कारण उठाया गया है, जिसका सीधा असर छोटे ट्रेडर्स पर पड़ेगा। हालांकि, इससे सोने-चांदी की कीमतें सीधे प्रभावित नहीं होंगी।

HighLights

  1. MCX ने सोने-चांदी फ्यूचर्स पर मार्जिन बढ़ाया
  2. चांदी पर 7%, सोने पर 3% कुल अतिरिक्त मार्जिन
  3. छोटे ट्रेडर्स पर पड़ेगा सबसे ज्यादा असर

MCX Gold Silver Margin Hike: अगर आप सोने-चांदी की ट्रेडिंग करते हैं तो यह खबर आपके लिए है। क्योंकि, गोल्ड-सिल्वर के फ्यूचर्स कॉन्ट्रैक्ट में ट्रेड करना अब महंगा हो गया है। मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज यानी एमसीएक्स ने इन पर मार्जिन बढ़ा दिया है। MCXCCL (एमसीएक्स क्लियरिंग कॉरपोरेशन लिमिटेड) ने अतिरिक्त मार्जिन लगाने का सर्कुलर भी जारी कर दिया है।

अब सवाल यह है कि आखिर मार्जिन होता क्या है, इसका असर किस पर पड़ेगा और क्या इससे सोना-चांदी खरीदना या फिर होल्ड करना महंगा हो जाएगा? इसे लेकर जागरण बिजनेस ने कमोडिटी एक्सपर्ट्स अनुज गुप्ता से बात की, जिसमें उन्होंने हर एक पहलू को आसान भाषा में समझाया। तो चलिए सबसे पहले समझते हैं कि सोने-चांदी पर कितना अतिरिक्त मार्जिन लगेगा।

अब सोने-चांदी पर कितना लगेगा अतिरिक्त मार्जिन? (How much additional margin will be charged on gold and silver?)

सर्कुलर के मुताबिक 5 फरवरी 2026 से चांदी पर 4.5% और सोने पर 1% अतिरिक्त मार्जिन लगाया गया। इसके अगले ही दिन यानी 6 फरवरी 2026 से चांदी पर कुल अतिरिक्त मार्जिन 7% और सोने पर 3% हो गया। यानी ट्रेडर्स को अब पहले से ज्यादा पैसा ब्लॉक करके पोजिशन लेनी पड़ेगी।

कमोडिटी 5 फरवरी 2026 से अतिरिक्त मार्जिन 6 फरवरी 2026 से कुल अतिरिक्त मार्जिन
गोल्ड (सभी वैरिएंट) 1.00% 3.00%
सिल्वर (सभी वैरिएंट) 4.50% 7.00%

एक लॉट खरीदने या होल्ड करने पर सोना कितना महंगा पड़ेगा? (How much will it cost to buy or hold one lot of gold?)

MCX पर गोल्ड के अलग-अलग पांच तरह के लॉट होते हैं-

  1. GOLD (1 लॉट में 1 किलोग्राम सोने की ट्रेडिंग)
  2. GOLDM (1 लॉट में 100 ग्राम सोने की ट्रेडिंग)
  3. GOLDTEN (1 लॉट में 10 ग्राम सोने की ट्रेडिंग)
  4. GOLDGUINEA (1 लॉट में 8 ग्राम सोने की ट्रेडिंग)
  5. GOLDPETAL (1 लॉट में सिर्फ 1 ग्राम सोने की ट्रेडिंग)

अब मान लीजिए कि अगर आप GOLD यानी एक किलो वाले सोने का लॉट खरीदते हैं तो-

तारीख (BOD से लागू) अतिरिक्त मार्जिन % एक्स्ट्रा मार्जिन राशि (₹) मतलब: 1 लॉट महंगा होने की राशि
5 फरवरी 2026 1.00% 1,51,928 ₹1.52 लाख एक्स्ट्रा जमा करना पड़ेगा
6 फरवरी 2026 3.0% (कुल) 4,55,784 ₹4.56 लाख एक्स्ट्रा जमा करना पड़ेगा

एक लॉट खरीदने या होल्ड करने पर चांदी कितनी महंगी हो जाएगी? (How much will silver become expensive if I buy or hold one lot?)

MCX पर चांदी लॉट के हिसाब से ट्रेड करती है और इसके तीन प्रकार के लॉट होते हैं। पहला होता है- SILVER यानी 30 किलो का लॉट। दूसरा है- SILVERM यानी 5 किलो का लॉट और तीसरा होता है- SILVERMIC यानी 1 किलो का लॉट।

अब मान लीजिए आप 30 किलोग्राम वाली चांदी का एक लॉट खरीदते हैं। MCX के मुताबिक, जिसके ताजा रेट 2,49,475 रुपए प्रति किलोग्राम हैं। और इस पर पर 5 फरवरी से अतिरिक्त मार्जिन 4.50 फीसदी और 6 फरवरी से कुल मार्जिन 7.00 फीसदी हो जाएगा। इसके हिसाब से इसे एक लॉट को खरीदना या फिर होल्ड करना 5.24 लाख रुपए तक महंगा पड़ सकता है।

तारीख (BOD से लागू) अतिरिक्त मार्जिन % एक्स्ट्रा मार्जिन राशि (₹) मतलब: 1 लॉट महंगा होने की राशि
5 फरवरी 2026 4.50% 3,36,791 ₹3.37 लाख एक्स्ट्रा जमा करना पड़ेगा
6 फरवरी 2026 7.0% (कुल) 5,23,898 ₹5.24 लाख एक्स्ट्रा जमा करना पड़ेगा

फ्यूचर्स ट्रेडिंग में मार्जिन होता क्या है? (What is margin in futures trading?)

अनुज गुप्ता बताते हैं कि मार्जिन वह शुरुआती रकम है, जो ब्रोकर के जरिए एक्सचेंज में जमा करनी होती है। इसे और आसान शब्दों में कहें तो फ्यूचर्स ट्रेडिंग में पूरी कॉन्ट्रैक्ट वैल्यू देने की जरूरत नहीं होती। उसका एक हिस्सा, जिसे मार्जिन कहते हैं, उसे पहले ही जमा करना पड़ता है। यह सिक्योरिटी अमाउंट की तरह होता है, ताकि बाजार में तेज उतार-चढ़ाव होने पर नुकसान की भरपाई हो सके। जब एक्सचेंज को लगता है कि बाजार में जोखिम बढ़ गया है, तो वह मार्जिन बढ़ा देता है।

क्या मार्जिन बढ़ने से सोना-चांदी महंगे हो जाएंगे? (Will gold and silver become expensive due to increase in margin?)

सीधा जवाब है- नहीं। मार्जिन बढ़ने से कीमतें खुद-ब-खुद नहीं बढ़तीं। सोने-चांदी के दाम अंतरराष्ट्रीय बाजार, मांग-आपूर्ति, डॉलर की चाल और वैश्विक आर्थिक हालात जैसे फैक्टर तय करते हैं। मार्जिन बढ़ने से सिर्फ ट्रेड करना महंगा होता है, यानी निवेश पर रिटर्न की गणना बदलती है, लेकिन कीमतों की दिशा फंडामेंटल्स तय करते हैं।

मार्जिन बढ़ने से सबसे ज्यादा असर किस पर पड़ेगा? (Who will be most affected by the increase in margins?)

रिटेल और छोटे ट्रेडर्स पर सबसे ज्यादा दबाव आएगा। ज्यादा मार्जिन का मतलब है कि अब एक ही कॉन्ट्रैक्ट खरीदने या बेचने के लिए ज्यादा पैसा जमा करना होगा। जिनके पास सीमित पूंजी है, वे MCX पर ट्रेड नहीं कर पाएंगे या अपनी पोजिशन कम करेंगे। इससे बाजार में ट्रेडिंग वॉल्यूम घट सकता है क्योंकि भागीदारी कम हो जाएगी।

किसे नुकसान और किसे फायदा? (Who benefits and who loses from the increase in margins?)

नुकसान उन ट्रेडर्स को होगा जो बढ़ा हुआ मार्जिन जमा नहीं कर पाएंगे। ऐसे मामलों में उनकी खुली पोजिशन जबरन स्क्वेयर ऑफ हो सकती है। फायदा एक्सचेंज और पूरे ट्रेडिंग सिस्टम को होता है, क्योंकि ज्यादा मार्जिन बाजार को सुरक्षित बनाता है और डिफॉल्ट का खतरा घटाता है। मजबूत पूंजी वाले बड़े ट्रेडर्स के लिए भी यह स्थिरता लाता है।

MCX ने यह कदम क्यों उठाया? (Why did MCX increase margins?)

आमतौर पर जब बाजार में बहुत ज्यादा उतार-चढ़ाव यानी हाई वोलैटिलिटी होती है, तब एक्सचेंज जोखिम कम करने के लिए मार्जिन बढ़ाता है। तेज गिरावट या तेजी के दौर में नुकसान तेजी से बढ़ सकता है, इसलिए निवेशकों और सिस्टम की सुरक्षा के लिए यह कदम उठाया जाता है। जब बाजार शांत होता है, तब मार्जिन फिर घट भी सकता है।

बड़ा सवाल- मार्जिन तय कैसे होता है? (how is the margin decided?)

आमतौर पर फ्यूचर्स ट्रेड में कुल मार्जिन = SPAN मार्जिन + एक्सपोजर/एडिशनल मार्जिन। SPAN मार्जिन संभावित जोखिम के आधार पर तय होता है, जबकि अतिरिक्त मार्जिन अस्थिरता बढ़ने पर जोड़ा जाता है।

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