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‘नहीं भूल सकती’, समर्थकों ने सुनाई माता-पिता और भाई पर लिखी कविता तो वसुंधरा राजे की आंखों में आए आंसू

झालावाड़ के खोयरा गांव में एक कार्यक्रम के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे भावुक हो गईं। एक युवती द्वारा माता-पिता और भाई पर कविता सुनाने पर उनकी आंखें भर आईं।

HighLights

  1. कविता सुनकर वसुंधरा राजे झालावाड़ में हुईं भावुक
  2. माता-पिता और भाई पर कविता ने आंखें नम कीं
  3. राजे ने कहा, दौलत नहीं, लोगों का प्यार चाहिए

 पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे शनिवार को झालावाड़ के खोयरा गांव में मुक्तेश्वर मंदिर परिसर में हुए एक कार्यक्रम के दौरान भावुक हो गईं। जब एक युवती ने उनके माता-पिता और भाई के बारे में एक कविता सुनाई तो राजे की आंखें भर आईं। झालावाड़-बारां के सांसद दुष्यंत सिंह की जन संवाद पदयात्रा के तीसरे चरण की शुरुआत का मौके पर अदिति शर्मा बकानी ने मंच पर जमा भीड़ के सामने राजे की जिंदगी और परिवार की विरासत के बारे में एक कविता सुनाई।

कविता में उनके संघर्षों, फैसले लेने की क्षमता और पारिवारिक मूल्यों पर रोशनी डाली गई। जैसे-जैसे लाइनें आगे बढ़ीं, राजे की भावनाएं उमड़ पड़ीं। एक सेंसिटिव पल के बीच, राजे ने अपनी मां राजमाता विजय राजे सिंधिया, पिता जीवाजीराव सिंधिया और भाई माधव राव सिंधिया को याद किया।

पूर्व मुख्यमंत्री राजे ने कहा कि वह स्वभाव से इमोशनल हैं। मुझे दौलत नहीं, बल्कि अपने परिवार, लोगों का प्यार चाहिए। यही मेरा सबसे बड़ा सहारा है। लोगों से उनका रिश्ता किसी पार्टी का नहीं, बल्कि दिल से जुड़ा है। लोगों का प्यार सबसे कीमती होता है।

जनसंवाद पदयात्रा का उद्देश्य

इस इवेंट में, राजे ने साफ तौर पर कहा कि ज़िंदगी में समय हमेशा एक जैसा नहीं रहता। कभी बहुत अच्छा होता है, कभी बहुत मुश्किल। लेकिन दौलत और दौलत ही सब कुछ नहीं होती। लोगों का प्यार सबसे कीमती होता है। अगर आपको लोगों का प्यार मिलता है, तो समय जरूर बदलेगा। यह पदयात्रा किसी चुनावी फायदे के लिए नहीं थी। मैं यहां कुछ लेने नहीं आई हूं, मैं सिर्फ लोगों का प्यार अपने साथ ले जाऊंगी। मेरी इच्छा लेने की नहीं, बल्कि देने की है।

राजे ने बकानी में भगवा झंडा लहराकर जन संवाद पदयात्रा को रवाना किया। यह यात्रा चार दिनों में अलग-अलग गांवों में जाएगी। सांसद दुष्यंत सिंह ने कहा कि यह पदयात्रा जनता से सीधे बातचीत का एक जरिया है। वह पैदल चलकर लोगों की समस्याएं सुनेंगे और मौके पर ही अधिकारियों को जरूरी निर्देश देंगे। गांववालों ने पदयात्रा का गर्मजोशी से स्वागत किया। जगह-जगह फूलों की बारिश और पारंपरिक अभिवादन देखा गया।

गांववालों ने क्या उठाए मुद्दे?

जन संवाद प्रोग्राम में गांववालों ने सिंचाई के लिए भरपूर पानी, इंटरलॉकिंग सड़कें और नालियां बनवाने और जल जीवन मिशन के तहत हर घर में नल कनेक्शन की मांग उठाई। हाल ही में तेज़ हवाओं और बारिश से हुए फ़सल के नुकसान की बात भी सामने आई। MP सिंह ने भरोसा दिलाया कि अधिकारियों से बातचीत के बाद जल्द ही सर्वे कराया जाएगा और सही मुआवज़ा दिलाने की कोशिश की जाएगी।

जहां पूरा प्रोग्राम विकास और जनता के मुद्दों पर फोकस था, वहीं मंच पर ज़ाहिर हुई भावनाओं ने माहौल में एक अनोखा रंग भर दिया। वसुंधरा राजे का यह इमोशनल होना उनके सपोर्टर्स के लिए ज़रूर अनएक्सपेक्टेड था, लेकिन उनकी बातों से यह साफ़ हो गया कि राजनीति से परे उनका परिवार और लोगों का प्यार ही उनकी सबसे बड़ी पूंजी है।

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