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राजस्थान जनाधार कार्ड: दूसरे राज्यों में भी करवा सकेंगे 25 लाख तक का इलाज, ये है नया नियम

HighLights

  1. राजस्थान के मरीज देश में कहीं भी करा सकेंगे इलाज
  2. 25 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा
  3. 19 दिसंबर से लागू होगी इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी

राजस्थान सरकार के आयुष्मान कार्ड धारक मरीज अब देश के किसी भी राज्य के निजी अस्पताल में 25 लाख रुपये तक की सीमा में उपचार करवा सकेंगे। ऐसे मरीजों को जनाधार कार्ड के साथ ही आयुष्मान कार्ड दिखाने पर यह सुविधा मिलेगी।

मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत पंजीकृत लोगों को इसका लाभ मिल सकेगा। इसके लिए राज्य सरकार शुक्रवार से इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू कर रही है। इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी लागू करने के लिए राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के साथ मिलकर तकनीकी प्रयास किए गए हैं।

राजस्थान के मरीज देश में कहीं भी करा सकेंगे इलाज

इससे देश में किसी अन्य राज्य में नौकरी कर रहे राजस्थान मूल के लोगों को लाभ मिल सकेगा। राजस्थान के चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह ने कहा कि सरकार इस योजना के माध्यम से लोगों की गंभीर से गंभीर बीमारी का उपचार उनकी पसंद के अस्पताल में करवाने की सुविधा प्रदान करेगी।

यह सुविधा 19 दिसंबर से लागू होगी। साथ ही अन्य किसी भी राज्य की यात्रा करते समय बीमार होने वाले रोगियों को भी इस योजना का लाभ मिल सकेगा। यह सुविधा राज्य सरकार की ओर से अधिकृत अस्पतालों में ही मिल सकेगी।

25 लाख रुपये तक के इलाज की सुविधा

राज्य सरकार के इस फैसले से सबसे अधिक लाभ दिल्ली, महाराष्ट्र और गुजरात के निजी अस्पतालों में उपचार के लिए जाने वाले राजस्थान के मरीजों को होगा। इन राज्यों में प्रदेश के मरीज बड़ी संख्या में उपचार के लिए जाते हैं।

चिकित्सा विभाग के अनुसार किसी भी अस्पताल में मरीज भर्ती होने अथवा उपचार करवाते समय संबंधित अस्पताल को अपना जनाधार कार्ड प्रस्तुत करेंगे। अस्पताल राजस्थान सरकार की स्टेट हेल्थ इश्योरेंस एजेंसी को कार्ड एवं मरीज का विवरण भेजेगी और वहां से अनुमोदन होने के बाद 25 लाख रुपये तक की सीमा में उपचार हो सकेगा।

19 दिसंबर से लागू होगी इंटर स्टेट पोर्टेबिलिटी

अब तक यह सुविधा राजस्थान के अधिकृत निजी अस्पतालों में ही मिलती थी। राज्य सरकार ने सोमवार से पूरे देश के अधिकृत अस्प्तालों में उपचार करवाने के लिए यह सुविधा प्रारंभ की है।

जानकारी के अनुसार इस योजना के तहत दो हजार 370 बीमारियों के उपचार की सुविधा हैं। यह उपचार देश के 14 हजार निजी अस्पतालों में भी संभव हो सकेगा।

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