दर्जनों गाड़ियों से टकराया डंपर, 50 को रौंदा; 13 लोगों की मौत, पीएम ने जताया दुख।
300 मीटर तक कहर बरपाता गया डंपर, सड़क पर बिखरे शव और चीखों का मंजर।

पीएम मोदी ने जताया शोक, मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख की सहायता का ऐलान।
क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क, जयपुर।
मनोज कुमार सोनी जयपुर के हरमाड़ा में सोमवार दोपहर दिल दहला देने वाला हादसा हुआ। एक बेकाबू डंपर ने ब्रेक फेल होने के बाद 300 मीटर तक कहर बरपाया। इस दौरान उसने कार, जीप, बस, ई-रिक्शा और दोपहिया वाहनों को रौंद डाला। हादसे में 14 लोगों की मौके पर मौत हो गई, जबकि 50 से अधिक लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।
पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया। कई वाहनों के टुकड़े सड़क पर बिखरे पड़े थे और चीख-पुकार का माहौल पूरे इलाके में गूंज रहा था। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जुट गई, जिससे ट्रैफिक कई घंटों तक जाम रहा।
सूत्रों के अनुसार, डंपर चालक को हिरासत में ले लिया गया है और उससे पूछताछ जारी है। शुरुआती जांच में ब्रेक फेल की बात सामने आई है, हालांकि ड्राइवर के शराब के नशे में होने की भी आशंका जताई जा रही है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हादसे पर गहरा दुख जताया है और मृतकों के परिजनों को ₹2 लाख तथा घायलों को ₹50,000 की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
मुख्यमंत्री ने भी उच्च स्तरीय जांच के आदेश दिए हैं और कहा है कि दोषियों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा।
सोमवार दोपहर उस वक्त दहल उठी जब हरमाड़ा लोहा मंडी के पास एक बेकाबू डंपर ने कहर बरपा दिया। भारी ट्रक ने हाईवे पर चढ़ते हुए सामने चल रहे वाहनों को रौंदना शुरू कर दिया। पलभर में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का आलम फैल गया। घटना स्थल पर ऐसा दृश्य था जिसे देख हर किसी का कलेजा कांप गया।
हादसे में अब तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 50 से अधिक लोग घायल बताए जा रहे हैं। इनमें कई की हालत नाजुक बताई जा रही है। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने अपनी जान जोखिम में डालकर वाहनों में फंसे लोगों को निकालने की कोशिश की।
डंपर ड्राइवर फरार, नशे में होने की आशंका
प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि डंपर चालक शराब के नशे में धुत था और तेज रफ्तार में वाहन चला रहा था। पुलिस ने बताया कि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश के लिए विशेष टीम गठित की गई है। बताया जा रहा है कि डंपर का मालिक एक बड़ी ट्रांसपोर्ट कंपनी से जुड़ा है, जिसने हाल ही में कई स्थानीय मार्गों पर अवैध रूप से भारी वाहन चलाने की अनुमति हासिल की थी।
CCTV फुटेज से खुलासा — 100 Km/h की रफ्तार
सीसीटीवी फुटेज में स्पष्ट दिख रहा है कि डंपर की गति करीब 100 किलोमीटर प्रति घंटे से अधिक थी। वह लोहा मंडी पेट्रोल पंप की तरफ से आकर रोड नंबर-14 से सीधे हाईवे पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था। एक झटके में उसने पहले ई-रिक्शा, फिर कार, उसके बाद बस और जीप को टक्कर मारी। कुछ वाहन हवा में उछलकर पलट गए। सड़क पर 300 मीटर तक वाहनों और मानव शरीर के टुकड़े बिखर गए।
घटना के बाद हरमाड़ा क्षेत्र के लोग सड़कों पर उतर आए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। लोगों का कहना है कि पिछले तीन महीनों में इसी इलाके में चौथा बड़ा हादसा हुआ है, लेकिन ट्रैफिक पुलिस और आरटीओ विभाग केवल खानापूर्ति में लगे हैं।
“हर दिन भारी वाहन शहर की सड़कों से गुजरते हैं, बिना किसी समय-सीमा या जांच के,” एक स्थानीय व्यापारी ने कहा, “आज की मौतें सिर्फ एक डंपर की गलती नहीं, पूरे सिस्टम की नाकामी है।”
हादसे के बाद करीब 20 मिनट तक फायर ब्रिगेड मौके पर नहीं पहुंची। घायल लोग सड़क पर तड़पते रहे। स्थानीय लोगों ने निजी वाहनों से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। सवाल ये उठता है कि राजधानी जैसे शहर में इतनी देरी क्यों? पुलिस कंट्रोल रूम से मिली जानकारी के मुताबिक, “घटना की सूचना तुरंत मिली थी, लेकिन ट्रैफिक जाम के कारण रेस्क्यू में देरी हुई।”
चश्मदीदों ने सुनाई दर्दनाक दास्तां
एक चश्मदीद ने बताया, “डंपर ने पहले बाइक सवार दंपती को टक्कर मारी, फिर ई-रिक्शा पर सवार पांच लोगों को कुचल दिया। लोग चीख रहे थे लेकिन ड्राइवर रुकने की बजाय गाड़ी को और तेजी से भगाने लगा।”
कई परिवारों के सदस्य अब भी अस्पतालों में जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं। परिवारों में कोहराम, प्रशासन ने घोषित की मदद राशि राज्य सरकार ने मृतकों के परिजनों को ₹5 लाख और घायलों को ₹1 लाख की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने हादसे पर गहरा दुख जताते हुए अधिकारियों को तत्काल जांच के आदेश दिए हैं।
विशेष जांच — डंपर का रजिस्ट्रेशन और फिटनेस पर संदेह
क्राइम इंडिया टीवी की जांच में सामने आया है कि हादसे में शामिल डंपर की फिटनेस सर्टिफिकेट तीन महीने पहले ही समाप्त हो चुकी थी। इसके बावजूद वाहन रोजाना निर्माण सामग्री लेकर शहर में घूम रहा था।
आरटीओ और पुलिस के बीच मिलीभगत की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता। सूत्रों के अनुसार, कई भारी वाहन अवैध रूप से रात के समय लोहा मंडी से होकर गुजरते हैं और पुलिस चुप्पी साधे रहती है।
सड़क सुरक्षा पर फिर सवाल
हरमाड़ा से लेकर सीकर रोड तक 10 किलोमीटर का यह इलाका पिछले एक वर्ष में करीब 47 दुर्घटनाओं का गवाह बन चुका है। ट्रैफिक सिग्नल न होना, अंधे मोड़ और ओवरलोड वाहन सभी मिलकर यहां जानलेवा खतरा पैदा कर चुके हैं।
कब रुकेगा यह खून का सिलसिला?
जयपुर में लगातार हो रहे हादसे अब महज ‘दुर्घटनाएं’ नहीं बल्कि सिस्टम की असफलता का आईना हैं। हर मौत एक सवाल बनकर सामने खड़ी है क्या प्रशासन तब जागेगा जब कोई वीआईपी इन सड़कों पर मरेगा?
स्थानीय जनता अब सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है। क्राइम इंडिया टीवी की टीम इस पूरे मामले की परतें एक-एक करके खोलेगी ताकि हर जिम्मेदार तक जवाबदेही तय हो सके।



