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राजस्थान स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर धर्मशाला में सुबह सीबीआइ की टीम ने मारा छापा 

राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की धर्मशाला से सीबीआइ ने गुरुवार देर रात सुनियोजित कार्रवाई करते हुए बैंकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले 10 वर्ष से फरार आरोपित संजीव दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पिछले तीन दिनों से धर्मशाला में ‘संजय भारद्वाज’ के फर्जी नाम से ठहरा हुआ था।

 राजस्थान के बांसवाड़ा स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर की धर्मशाला से सीबीआइ ने गुरुवार देर रात सुनियोजित कार्रवाई करते हुए बैंकों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले 10 वर्ष से फरार आरोपित संजीव दीक्षित को गिरफ्तार कर लिया।

आरोपी पिछले तीन दिनों से धर्मशाला में ‘संजय भारद्वाज’ के फर्जी नाम से ठहरा हुआ था। इस छापे की खास बात यह रही कि जिस कमरे में आरोपित सो रहा था, उससे सटे कमरे में सीबीआइ की टीम पूरी रात मौजूद रही और सुबह होते ही ठग को गिरफ्तार कर लिया।

सीबीआइ के अनुसार यूपी के बागपत निवासी संजीव दीक्षित ने फर्जी दस्तावेजों के जरिए विभिन्न बैंकों से करीब 20-25 करोड़ रुपये का लोन लिया और उसे चुकाए बिना फरार हो गया था। वर्ष 2013 में उसके खिलाफ मामला दर्ज हुआ, 2014 में उसे गिरफ्तार भी किया गया लेकिन 2016 में सोनीपत पुलिस की कस्टडी से भाग निकला। इसके बाद 2017 में सीबीआइ कोर्ट ने उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था।

सीबीआइ को सूचना मिली थी कि आरोपी त्रिपुरा सुंदरी मंदिर क्षेत्र में छिपा है। गुरुवार रात करीब 9 बजे टीम ने धर्मशाला में पड़ताल की, पता चला कि होटल में ठहरा है। टीम ने उसे रात में पकड़ने की बजाय रणनीति के तहत पास का कमरा बुक किया और पूरी रात निगरानी की।

शुक्रवार सुबह 5 बजे बांसवाड़ा सदर थाना पुलिस के साथ कार्रवाई कर आरोपित को गिरफ्तार किया गया। सीबीआइ ने इस केस से जुड़े एक अन्य मामले में आरोपित की पत्नी आरती शर्मा को वड़ोदरा से गिरफ्तार किया है।

संजीव दीक्षित अलग-अलग नामों से फर्जी दस्तावेज बनाकर ठगी करता रहा। वह जहां भी जाता, खुद को ज्योतिषी बताता था। आरोपी दिल्ली नंबर की कार से मंदिर आया था।

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