
जनरल अनिल चौहान ने एक कार्यक्रम में कहा कि हमारे देश की सुरक्षा मजबूत करने के लिए नई-नई खोजें और नए प्रयोग होना बहुत ज़रूरी हैं। उन्होंने बताया कि रक्षा सामान बनाने में सिर्फ सरकारी कंपनियाँ ही नहीं, बल्कि निजी कंपनियाँ और छोटी-छोटी एमएसएमई भी बड़ा योगदान दे रही हैं। सब मिलकर काम करेंगे तो देश और भी मजबूत बनेगा।
HighLights
- दिन भर चले सत्र में भविष्य के युद्धों के लिए आवश्यक मुद्दों पर चर्चा की गई
- सत्र में विकास पर ध्यान केंद्रित करते हुए घरेलू उद्योगों को बढ़ावा देने पर जोर दियासोच-विचार का यह कार्यक्रम एचक्यू आईडीएस और एसआईडीएम ने मिलकर किया। इसमें मुख्य बात यही थी कि भारत को अपने हथियार खुद बनाने चाहिए और भविष्य की लड़ाइयों के लिए तैयार रहना चाहिए। सभी लोगों ने मिलकर अलग-अलग विचार रखे कि रक्षा उद्योग और सेना कैसे साथ मिलकर काम कर सकते हैं।



