‘पीएसी प्रदेश की सुरक्षा कवच’: स्थापना दिवस समारोह में बोले मुख्यमंत्री योगी।
78 वर्षों का गौरवशाली सफर: अनुशासन, त्याग और समर्पण की मिसाल पीएसी

पीएसी की शक्ति, शौर्य और अनुशासन का भव्य प्रदर्शन,सीएम योगी ने ली परेड की सलामी, उत्कृष्ट जवानों को किया सम्मानित।
क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क, मनोज कुमार सोनी लखनऊ। उत्तर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था की मजबूत रीढ़ मानी जाने वाली प्रांतीय सशस्त्र कांस्टेबुलरी (पीएसी) के 78वें स्थापना दिवस के अवसर पर बुधवार को लखनऊ स्थित पीएसी ग्राउंड में भव्य और अनुशासित समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ रहे। मुख्यमंत्री ने परेड की सलामी ली और उत्कृष्ट कार्य करने वाली पीएसी की वाहिनियों, कमांडेंटों, अधिकारियों एवं जवानों को सम्मानित किया।
समारोह में अनुशासन, शौर्य और समर्पण का अद्भुत नजारा देखने को मिला। पीएसी की विभिन्न टुकड़ियों ने सधे कदमों से परेड प्रस्तुत कर अपनी पेशेवर दक्षता, एकजुटता और युद्ध कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम स्थल पर आंतरिक सुरक्षा, दंगा नियंत्रण, आपदा प्रबंधन और आधुनिक हथियारों से जुड़ी प्रदर्शनी का भी आयोजन किया गया, जिसका मुख्यमंत्री ने अवलोकन किया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि पीएसी उत्तर प्रदेश की कानून-व्यवस्था की सुरक्षा कवच और मजबूत रीढ़ है। दंगा नियंत्रण, प्राकृतिक आपदाओं, संवेदनशील क्षेत्रों की सुरक्षा, पर्व-त्योहारों, अति विशिष्ट महानुभावों की सुरक्षा और चुनावों के शांतिपूर्ण संचालन में पीएसी ने हर बार अपनी उपयोगिता और प्रतिबद्धता सिद्ध की है।
उन्होंने कहा कि पीएसी के जवानों का साहस, अनुशासन और समर्पण ही प्रदेश में शांति और सुरक्षा का आधार है। सरकार पीएसी को लगातार आधुनिक हथियारों, नवीन तकनीक और उन्नत प्रशिक्षण से सशक्त बना रही है, ताकि किसी भी आपात स्थिति से प्रभावी ढंग से निपटा जा सके।इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने सर्वोत्तम वाहिनी, सर्वश्रेष्ठ बाढ़ राहत दल, उत्कृष्ट खिलाड़ी, बेस्ट पुलिस मॉडर्न स्कूल और मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र एवं स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। उन्होंने कहा कि यह सम्मान पीएसी के जवानों के कठिन परिश्रम और निष्ठा का प्रतीक है तथा भविष्य में और बेहतर कार्य करने की प्रेरणा भी देता है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएसी के गौरवशाली इतिहास का उल्लेख करते हुए कहा कि बल ने दशकों के अपने सफर में हर चुनौती का डटकर सामना किया है। पीएसी ने दंगों, आपदाओं और संकट की घड़ी में अपनी जान की परवाह किए बिना आमजन की सुरक्षा सुनिश्चित की है। उन्होंने कहा कि आज उत्तर प्रदेश निवेश, उद्योग और विकास के लिए सुरक्षित राज्य के रूप में उभर रहा है, जिसके पीछे पीएसी और पुलिस बल की सतर्कता, तत्परता और अनुशासन की बड़ी भूमिका है।
कार्यक्रम में पीएसी के साहसिक करतब, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां और अनुशासनात्मक अभ्यास भी आकर्षण का केंद्र रहे। समारोह में वरिष्ठ पुलिस अधिकारी, पीएसी महानिदेशक, कमांडेंट, अधिकारी और बड़ी संख्या में जवान उपस्थित रहे। समारोह का समापन राष्ट्रगान और भव्य परेड के साथ हुआ। पीएसी का 78वां स्थापना दिवस समारोह यह संदेश देता है कि उत्तर प्रदेश की आंतरिक सुरक्षा पहले से कहीं अधिक मजबूत, आधुनिक और सक्षम हाथों में है, और पीएसी बल हर परिस्थिति में प्रदेश की शांति, सुरक्षा और सम्मान की रक्षा के लिए पूरी तरह तैयार है।



