मस्क के ग्रोक के चलते एक्स पर अश्लील तस्वीरों की बाढ़, यूजर्स कर रहे ऐसी फोटो बनाने की मांग

एलन मस्क के एआई चैटबॉट ‘ग्रोक’ के दुरुपयोग से एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर लाखों महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें साझा की गईं। न्यूयॉर्क टाइम्स और सेंटर फॉर काउंटरिंग डिजिटल हेट के अनुसार, दिसंबर से अब तक 18 लाख से अधिक अश्लील तस्वीरें बनाई गईं। यूजर्स वास्तविक तस्वीरों को आपत्तिजनक रूप में बदलने की मांग कर रहे थे, जिससे वैश्विक चिंता बढ़ी और एक्स को सख्त कदम उठाने पड़े।
अरबपति एलन मस्क के एआइ चैटबाट ‘ग्रोक’ के चलते इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म एक्स पर अश्लील तस्वीरों की बाढ़ आ गई। मस्क की कंपनी एक्सएआइ द्वारा विकसित ‘ग्रोक’ के इस्तेमाल से महज कुछ दिनों में ही लाखों महिलाओं की आपत्तिजनक तस्वीरें बना दी गईं और उन्हें एक्स पर साझा किया गया।
इसका वैश्विक स्तर पर विरोध होने पर हाल ही में एक्स को इस चैटबाट से लोगों की अश्लील तस्वीरें बनाने से रोकने के लिए सख्त कदम उठाना पड़ा।न्यूयार्क टाइम्स और सेंटर फार काउंट¨रग डिजिटल हेट के डाटा के अनुसार, ग्रोक के इस्तेमाल से महिलाओं की 18 लाख से ज्यादा अश्लील तस्वीरें बनाई गईं और फिर इनको सार्वजनिक रूप से साझा किया गया।
यह दिसंबर के अंत में शुरू हुआ। तब से इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म पर यूजर्स की ऐसी मांगों की बाढ़ आ गई, जिसमें महिलाओं और बच्चों की वास्तविक तस्वीरों को अश्लील और बिकनी जैसे आपत्तिजनक कपड़ों में बदलने के लिए अनुरोध किया गया। केवल नौ दिन में ही ग्रोक ने 44 लाख से ज्यादा तस्वीरें पोस्ट कीं।
न्यूयार्क टाइम्स की समीक्षा में यह अनुमान लगाया गया है कि इनमें से 41 प्रतिशत या 18 लाख से ज्यादा तस्वीरों में महिलाओं को आपत्तिजनक अवस्था में दिखाया गया। जबकि सेंटर फार काउंटरिंग डिजिटल हेट के व्यापक विश्लेषण के अनुसार, 65 प्रतिशत या 30 लाख से ज्यादा तस्वीरों में पुरुषों, महिलाओं और बच्चों की अश्लील छवियां थीं।
इन निष्कर्षों से जाहिर होता है कि ग्रोक ने वैश्विकस्तरपर चिंता बढ़ा दी है। नतीजन भारत, ब्रिटेन, मलेशिया और अमेरिका समेत कई देशों ने इस पर अंकुश लगाने की दिशा में कदम उठाए हैं।



