अंतरराष्ट्रीय

अपने DNA से ‘महामानव’ तैयार करना चाहता था एपस्टीन, नाबालिग लड़कियों को लेकर करता था प्लानिंग

नाबालिग लड़कियों की तस्करी में लिप्त जेफ्री एपस्टीन अपने डीएनए से एक विशेष मानव नस्ल तैयार करना चाहता था। उसकी यह सोच ट्रांसह्यूमनिज्म से जुड़ी थी, जिसकी तुलना यूजेनिक्स से की गई।

HighLights

  1. एपस्टीन अपने डीएनए से ‘महामानव’ नस्ल बनाना चाहता था।
  2. उसकी योजना ट्रांसह्यूमनिज्म और यूजेनिक्स से प्रेरित थी।
  3. ब्रिटेन के पीएम स्टारमर एपस्टीन विवाद में फंसे।

 नाबालिग लड़कियों की तस्करी और यौन अपराधों में लिप्त रहनेवाला जेफ्री एपस्टीन पैसे और प्रभाव का इस्तेमाल करके अपने डीएनए से विशेष मानव नस्ल तैयार करने की जुगत में था।

2000 के दशक की शुरुआत में एपस्टीन ने न्यू मेक्सिको स्थित सांता फे के पास अपने 33 हजार वर्ग फीट के जोरो रैंच का इस्तेमाल एक ऐसे अड्डे के रूप में करना चाहता था, जहां महिलाएं उसके बच्चों को जन्म देंगी।

 जेफ्री एपस्टीन अपने अड्डे को बच्चों की फसल उगानेवाले फार्म के तौर पर करना चाहता था। हालांकि, इस बात के सुबूत नहीं हैं कि उसका कोई बच्चा है। इसके भी साक्ष्य नहीं हैं कि उसकी योजना धरातल पर कभी उतरी। 2019 में यौन अपराधों के आरोप में बंद एपस्टीन ने कथित तौर पर आत्महत्या कर ली थी।

न्यूयार्क टाइम्स के अनुसार, एपस्टीन की यह सोच ट्रांसह्यूमनिज्म विचारधारा से जुड़ी बताई जाती है, जो तकनीक और जेनेटिक इंजीनियरिंग के जरिए मानव क्षमताओं को बढ़ाने की वकालत करती है।

आलोचकों ने इस सोच की तुलना 20वीं सदी की यूजेनिक्स विचारधारा से की है, जिसे बाद में नाजी जर्मनी ने खतरनाक रूप से अपनाया था।

एपस्टीन की योजनाएं

दो विज्ञानियों और एक सलाहकार ने बताया कि उन्होंने एपस्टीन को 2001 से 2006 के बीच ऐसी योजना पर चर्चा करते सुना था। नासा की विज्ञानी के रूप में अपनी पहचान बताने वाली एक महिला ने मीडिया को बताया कि एपस्टीन चाहता था कि उसके फार्महाउस में 20 महिलाएं गर्भवती हों।

एपस्टीन से जुड़े विज्ञानियों में नोबेल पुरस्कार विजेता भौतिक विज्ञानी मरे गेल-मैन, स्टीफन हाकिंग, स्टीफन जे गोल्ड, जेनेटिक इंजीनियर जार्ज एम चर्च, न्यूरोलाजिस्ट ओलिवर सैक्स और भौतिक विज्ञानी फ्रैंक विल्जेक शामिल थे।

एपस्टीन ने हार्वर्ड विश्वविद्यालय के इवोल्यूशनरी डायनामिक्स कार्यक्रम के लिए 65 लाख डॉर दान किए और व‌र्ल्डवाइड ट्रांसह्यूमनिस्ट एसोसिएशन को 20,000 डॉलर दिए थे।

मैंडेलसन विवाद से घिरे ब्रिटेन के पीएम स्टारमर

ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर अपने कार्यकाल के अब तक के सबसे बड़े राजनीतिक संकट का सामना कर रहे हैं। रॉयटर के अनुसार, पूर्व राजनयिक पीटर मैंडेलसन की अमेरिका में राजदूत के रूप में नियुक्ति और उनके जेफ्री एपस्टीन से कथित संबंधों को लेकर उठे विवाद ने लेबर पार्टी के भीतर ही असहजता बढ़ा दी है।

हाल के दिनों में सामने आई नई जानकारियों ने स्टारमर के फैसले पर सवाल खड़े कर दिए हैं और उनकी नेतृत्व क्षमता को लेकर पार्टी सांसदों के बीच चर्चा तेज हो गई है। इस बीच, उनके चीफ आफ स्टाफ मार्गन मैकस्वीनी ने इस्तीफा दे दिया है।

मैकस्वीनी ने कहा कि मैंडेलसन की नियुक्ति की सलाह उन्होंने ही दी थी, जिसकी वह पूरी जिम्मेदारी लेते हैं। मैक्स्वीनी स्टार्मर के करीबी सलाहकार रहे हैं। उन्होंने कहा कि मैंडेलसन ने हमारी पार्टी, हमारे देश और भरोसे को नुकसान पहुंचाया है।

बता दें कि मैंडेलसन की नियुक्ति 2024 में हुई थी और एपस्टीन फाइल्स में नाम आने के बाद स्टार्मर ने पिछले साल सितंबर में मैंडेलसन को बर्खास्त कर दिया था। उनके खिलाफ पुलिस जांच चल रही है।

Related Articles

Back to top button