प्रशासनिक समाचार

‘भारत कोई धर्मशाला नहीं, कोई भी यहां आकर नहीं रहने लगेगा’, SIR पर बहस के बीच बोले गुलाबचंद कटारिया

उदयपुर में पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने एसआईआर पर कहा कि सुरक्षा प्रक्रियाओं का उद्देश्य देश की व्यवस्था बनाए रखना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारतीय नागरिक सम्मान से रहें, अवैध रूप से रह रहे बाहरी लोग वापस लौट जाएं, क्योंकि भारत कोई धर्मशाला नहीं है। खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में उन्होंने खिलाड़ियों की सराहना की और खेलों के महत्व पर जोर दिया।

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HighLights

  1. कटारिया: भारत धर्मशाला नहीं है।
  2. एसआईआर से नागरिक अधिकार मजबूत होंगे।
  3. खेल आत्मविश्वास और अनुशासन बढ़ाते हैं।

 उदयपुर। देश के 12 राज्यों में जारी विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआइआर) पर जारी बहस के बीच पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने रविवार को उदयपुर में कहा कि सुरक्षा और पहचान से जुड़ी प्रक्रियाओं का उद्देश्य देश की व्यवस्था और नागरिक हितों की रक्षा करना है।

स्पष्ट कहा कि जो भारतीय नागरिक हैं, वह यहां सम्मान और खुशहाली से रहें, जो बाहरी लोग अवैध रूप से रह रहे हैं, उन्हें अपने देश लौट जाना चाहिए। भारत कोई धर्मशाला नहीं है। कोई भी यहां आकर नहीं रहने लगेगा।

‘SIR से नागरिकों के अधिकारों को और मजबूत किया जा सकेगा’

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स में पहुंचे राज्यपाल ने कहा कि एसआइआर प्रक्रिया से यह स्पष्ट होना जरूरी है कि देश में किसकी पहचान पंजीकृत है, कौन नागरिक है और कौन वर्षों से अवैध रूप से रह रहा है। इसके माध्यम से संसाधनों की सुरक्षा और नागरिकों के अधिकारों को और मजबूत किया जा सकेगा।

‘खेल से आत्मविश्वास, टीम भावना और अनुशासन विकसित होता है’

उन्होंने यूनिवर्सिटी गेम्स में भाग ले रहे खिलाड़ियों की प्रतिभा की सराहना करते हुए कहा कि खेल युवाओं के भविष्य को अनुशासित और सुरक्षित बनाते हैं। खेल से न सिर्फ शारीरिक क्षमता बढ़ती है, बल्कि आत्मविश्वास, टीम भावना और अनुशासन भी विकसित होता है।

खेलो इंडिया यूनिवर्सिटी गेम्स देश की युवा प्रतिभाओं के लिए महत्वपूर्ण मंच साबित हो रहे हैं, ऐसे आयोजनों से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार होंगे।

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