माओवादी हिंसा पर बड़ी सफलता, तीन राज्यों के 5 जिलों से नक्सली खतरा खत्म, गोंदिया में 20 लाख के इनामी 3 नक्सलियों का सरेंडर।

शांति की राह पर एमएमसी जोन
परिचय एमएमसी जोन से माओवाद का खात्मा देश की सुरक्षा नीति की एक ऐतिहासिक सफलता है। गोंदिया में हुए हालिया आत्मसमर्पण ने इस अभियान को निर्णायक मोड़ दिया है।
मुख्य आत्मसमर्पण रोशन, सुभाष और रतन—तीनों पर कुल 20 लाख रुपये का इनाम था। इनका समर्पण यह दर्शाता है कि संगठन अब कमजोर पड़ चुका है।
क्षेत्रीय प्रभाव राजनांदगांव रेंज के अंतर्गत आने वाले जिले अब पूरी तरह शांत हैं। सीमावर्ती इलाकों में भी कोई सक्रिय माओवादी शेष नहीं है।
सुरक्षा एजेंसियों की रणनीति खुफिया नेटवर्क, लक्षित अभियान और स्थानीय प्रशासन के सहयोग से माओवादी ढांचे को तोड़ा गया।
पुनर्वास की भूमिका सरकार की आत्मसमर्पण एवं पुनर्वास नीति ने कैडरों को मुख्यधारा में लौटने का अवसर दिया।
हालिया बड़े समर्पण नवंबर-दिसंबर में तीन बड़े समर्पण हुए, जिनमें शीर्ष नेताओं सहित दर्जनों कैडरों ने हथियार छोड़े।
आगे की राह अब फोकस विकास पर है—सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार से स्थायी शांति सुनिश्चित की जाएगी।



