87 अवैध कॉलोनियों पर हाईकोर्ट की सख्ती, 9 दिसंबर से पहले जेडीए को देनी है पूरी रिपोर्ट।
जेडीए टीम का ताबड़तोड़ ऑपरेशन, जेसीबी से ढहाए गए कई अवैध स्ट्रक्चर।

बस्सी गैस गोदाम के पास अवैध कॉलोनी विकसित करते पकड़े डेवलपर, जेडीए ने रुकवाया सारा निर्माण।
क्राइम इंडिया टीवी डिजिटल डेस्क!
मनोज कुमार सोनी| जयपुर। राजधानी जयपुर में अवैध कॉलोनियों और अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ जेडीए का बुलडोजर लगातार गरज रहा है। हाईकोर्ट के सख्त निर्देशों के बाद जयपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने बस्सी क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए कई अवैध निर्माण ध्वस्त कर दिए। यह कार्रवाई बस्सी गैस गोदाम के पास जोन-13 में की गई, जहां लंबे समय से बिना स्वीकृति ज़मीन काटकर बसाहट विकसित की जा रही थी।
जेडीए टीम ने मौके पर पहुंचकर पाया कि डेवलपर्स ने बिना किसी नक्शा स्वीकृति व नियमों की अनदेखी करते हुए प्लॉट काटकर सड़कें, बिजली लाइनें और आधारभूत ढांचा तैयार करना शुरू कर दिया था। हाईकोर्ट द्वारा सरकारी और अधिग्रहित भूमि पर अवैध कब्जे हटाने के आदेश के बाद जेडीए ने इस इलाके को ‘हॉट स्पॉट’ के तौर पर चिह्नित किया था।
कार्रवाई जेडीए के उप महानिरीक्षक पुलिस राहुल कोटोकी के नेतृत्व में हुई, जबकि ज़ोन प्रभारी ममता मीणा पूरी टीम, जेसीबी मशीनों और पुलिस जाप्ते के साथ सुबह से ही मौके पर तैनात रहीं। जेडीए ने कॉलोनी के भीतर चल रहे सभी निर्माण कार्यों को रुकवाते हुए दीवारें, दुकानें, प्लिंथ और ताजा तैयार स्ट्रक्चर ध्वस्त कर दिए।
कार्रवाई के दौरान कुछ स्थानीय लोगों ने विरोध की कोशिश भी की, लेकिन पुलिस ने उन्हें समझाइश देकर दूर हटाया और बिना किसी विवाद के ऑपरेशन पूरा किया गया। जेडीए टीम ने डेवलपर्स की ओर से लगाए गए अवैध बोर्ड, मार्किंग और प्लॉट नंबर भी हटवा दिए, ताकि आगे कोई भ्रम पैदा न हो।
जेडीए अधिकारियों ने साफ कहा कि- “बिना स्वीकृत योजना में प्लॉट खरीदना लोगों के लिए भविष्य में बड़ी परेशानी बन सकता है। ऐसे निर्माण किसी भी सूरत में मान्य नहीं होंगे और इन्हें गिरा दिया जाएगा।”
अधिकारियों ने नागरिकों से अपील करते हुए कहा: पहले जेडीए अथवा नगर निगम की स्वीकृति की जांच करेंभूमि उपयोग (Land Use) अवश्य देखें, डेवलपर द्वारा दिखाए गए नक्शों पर भरोसा न करें
गलत स्कीम में पैसा लगाने से पूरी जीवनभर की जमा-पूंजी डूब सकती है जेडीए का कहना है कि पिछले कुछ सालों में जयपुर ग्रामीण और सांगानेर बेल्ट में अवैध कॉलोनी बनाने का कारोबार तेजी से बढ़ा है, जिससे न केवल शहर की प्लानिंग बिगड़ रही है बल्कि भविष्य में पानी, सड़क, बिजली जैसी सुविधाओं का भारी संकट खड़ा हो सकता है।
हाईकोर्ट का कड़ा रुख – 4 हफ्ते में रिपोर्ट और सांगानेर की 87 कॉलोनियां जांच के दायरे में – राजस्थान हाईकोर्ट में सांगानेर क्षेत्र की 87 अवैध कॉलोनियों को लेकर दायर जनहित याचिका पर सुनवाई हुई थी। कोर्ट ने 10 नवंबर को जेडीए और आवासन मंडल को निर्देश दिया था कि शहर में सरकारी, संरक्षित या अधिग्रहित भूमि पर सभी अवैध निर्माण हटाए जाएं , 4 हफ्तों में विस्तृत रिपोर्ट अदालत में दायर की जाए।
जहां भी नए निर्माण हो रहे हों, तत्काल रोक लगाई जाए हाईकोर्ट ने कहा कि “अवैध कॉलोनियों को किसी भी स्तर पर संरक्षण नहीं दिया जा सकता। सरकार और एजेंसियों की यह जिम्मेदारी है कि वे नियमों का पालन सुनिश्चित कराएं।”
इस मामले में अगली सुनवाई 9 दिसंबर को तय है। इसी को ध्यान में रखते हुए जेडीए ने पूरे जयपुर में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। सूत्रों के अनुसार, आगामी दिनों में सांगानेर, बस्सी, जगतपुरा, पटोली, सीतापुरा और खो-नागोरियन इलाके में भी बड़े एक्शन की तैयारी है।
स्थानीय लोगों में mixed प्रतिक्रिया जहां कुछ लोगों ने जेडीए की कार्रवाई को सही बताया, वहीं प्लॉट खरीद चुके कई लोगों ने डेवलपर्स पर ठगी का आरोप लगाया। उनका कहना है कि उन्हें यह बताया गया था कि कॉलोनी जल्द ही नियमित हो जाएगी। जेडीए ने ऐसे खरीदारों को चेताया है कि
“नियमितीकरण प्रक्रिया तभी संभव है जब भूमि कानूनी रूप से उपयुक्त हो। अवैध कॉलोनी को भविष्य में भी मान्यता मिलने की कोई गारंटी नहीं है।”
जेडीए का संदेश – “नियमों का पालन करें, शहर को अवैध निर्माण से बचाएं” जेडीए ने दोहराया कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जोन-13 सहित अन्य जोनों में भी लगातार निरीक्षण किए जा रहे हैं। अवैध कॉलोनी विकसित करने वालों पर FIR करने की भी तैयारी है।