राष्ट्रीय

रूसी सेना में शामिल होने के लिए किया गया मजबूर, गुजरात के छात्र ने यूक्रेन से SOS वीडियो भेजा

गुजरात के मोरबी जिले के साहिल मोहम्मद हुसैन ने यूक्रेन से एक वीडियो संदेश में रूसी सेना में शामिल नहीं होने की अपील की है। साहिल ने आरोप लगाया कि उन्हें झूठे ड्रग्स मामले में फंसाकर रूसी सेना में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया। उन्होंने भारतीय सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की अपील की है। विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा है कि भारत सरकार रूसी सेना में शामिल हुए भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए काम कर रही है।

HighLights

  1. साहिल ने रूसी सेना में शामिल नहीं होने की अपील की
  2. झूठे ड्रग्स मामले में फंसाकर सेना में किया मजबूर
  3. भारत सरकार से मदद की गुहार लगाई

गुजरात के मोरब जिले के रहने वाले साहिल मोहम्मद हुसैन ने यूक्रेन से एक वीडियो संदेश भेजा है, जिसमें उन्होंने लोगों से रूसी सेना में शामिल नहीं होने की अपील की है। साहिल ने आरोप लगाया है कि उन्हें एक झूठे ड्रग्स मामले में फंसाकर रूसी सेना में शामिल होने के लिए मजबूर किया गया था।

साहिल ने बताया कि वह 2024 में पढ़ाई के लिए रूस गया था, लेकिन वित्तीय और वीजा समस्याओं के कारण वह कुछ रूसियों के संपर्क में आया, जो नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल थे। उन्होंने आरोप लगाया कि रूसी पुलिस ने उन्हें झूठे ड्रग्स मामले में फंसाया और कहा कि अगर वह रूसी सेना में शामिल होते हैं तो मामला वापस ले लिया जाएगा।

साहिल का वीडियो संदेश

साहिल ने वीडियो में कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे रूसी सेना में शामिल नहीं हों। यहां कई स्कैमस्टर्स हैं जो आपको झूठे मामलों में फंसा सकते हैं।” उन्होंने भारतीय सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से मदद की अपील की है।

भारत सरकार की प्रतिक्रिया

विदेश सचिव विक्रम मिस्री ने कहा है कि भारत सरकार रूसी सेना में शामिल हुए भारतीय नागरिकों की रिहाई के लिए काम कर रही है। उन्होंने भारतीय नागरिकों को रूसी सेना में शामिल होने के प्रस्तावों से बचने की सलाह दी है।

 

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