घोरावल में लेखपालों ने एकजुट होकर जताई आवाज

घोरावल, सोनभद्र।
उत्तर प्रदेश लेखपाल संघ की तहसील इकाई घोरावल ने अपनी लंबित समस्याओं व मांगों के समाधान की दिशा में पहल करते हुए शनिवार को मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन उप जिलाधिकारी आशीष त्रिपाठी को सौंपा। ज्ञापन तहसील अध्यक्ष गोपेंद्र पांडेय के नेतृत्व में सौंपा गया।
लेखपालों ने बताया कि बीते 9 वर्षों से शैक्षणिक योग्यता एवं पदनाम परिवर्तन, प्रारंभिक वेतनमान उच्चीकरण, एसीपी विसंगति, मृतक आश्रित परिवारों की पेंशन विसंगति, राजस्व निरीक्षक व नायब तहसीलदार के अतिरिक्त पद सृजन जैसी कई महत्वपूर्ण मांगें शासन और परिषद स्तर पर सहमति के बावजूद अब तक लंबित हैं।
लेखपालों ने कहा कि वे अपने गृह जनपदों से 500–1000 किमी दूर भय और तनाव के बीच कार्य करते हैं।
23 अगस्त 2018 के शासनादेश के अनुसार अंतरमंडलीय स्थानांतरण हेतु आवेदन तो ले लिए गए, लेकिन स्थानांतरण सूची अभी तक जारी नहीं हुई, जबकि अन्य विभागों में हजारों स्थानांतरण पूरे हो चुके हैं।
इसके अतिरिक्त चयन वर्ष 2025–26 के लिए राजस्व निरीक्षक पदों पर डीपीसी भी नहीं हो सकी है।
वर्षों से अनदेखी के चलते लेखपाल संवर्ग में आक्रोश व्याप्त है।
कार्यक्रम में जिलामंत्री अमित शुक्ल, रविकांत, एस.पी. गुप्ता, रंजीत, योगेंद्र सिंह, सरदार भगत सिंह, रवि मौर्य, उपेंद्र नारायण गिरी, रामाश्रय, अशोक शर्मा, राकेश सिंह, अजय सिंह समेत कई लेखपाल उपस्थित रहे।
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घोरावल के लेखपालों ने अपनी समस्याओं पर मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा।
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शैक्षणिक योग्यता, पदनाम बदलाव, वेतनमान, एसीपी व पेंशन सुधार जैसी मांगें 9 साल से लंबित हैं।
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वे अपने गृह जिलों से 500–1000 किमी दूर तनाव में काम कर रहे हैं।
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2018 में लिए गए स्थानांतरण आवेदन पर अभी तक सूची जारी नहीं हुई।
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चयन वर्ष 2025–26 के लिए राजस्व निरीक्षक पदों की डीपीसी अभी नहीं हुई।
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लगातार उपेक्षा के कारण लेखपाल संवर्ग में नाराज़गी बढ़ रही है।
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ज्ञापन देने के दौरान कई लेखपाल मौजूद रहे।



