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‘बैलेट पेपर के दौर में होता था फर्जीवाड़ा, EVM पर सवाल उठाना गलत;’ राजस्थान के राज्यपाल का बड़ा बयान

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने मतदाता दिवस पर जयपुर में कहा कि ईवीएम का विरोध देशहित में नहीं है, क्योंकि इसके खिलाफ कोई ठोस प्रमाण नहीं है। उन्होंने बैलेट पेपर के दौर में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े का जिक्र किया।

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशनराव बागड़े ने कहा कि ईवीएम का बेवजह विरोध देश हित में नहीं है। ईवीएम से चुनाव करवाए जाने का लगातार विरोध किया जाता है, लेकिन इसे लेकर आज तक कोई ठोस प्रमाण सामने नहीं लाए जा सके हैं।

बिना प्रमाण चर्चाएं करना देशहित में नहीं है। बैलेट पेपर के दौर में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़े की शिकायतें सामने आती थी। यह बातें उन्होंने मतदाता दिवस के मौके पर जयपुर में आयोजित कार्यक्रम में कहीं।

उन्होंने कहा कि एक देश-एक चुनाव का सोच बिल्कुल सही है। इससे देश का समय और पैसा दोनों खर्च होने से बचेंगे। अलग-अलग चुनाव करवाए जाने से समय और पैसा दोनों अधिक खर्च होता है। एक साथ चुनाव करवाए जाने से खर्च में बचने वाली राशि का उपयोग विकास कार्यों में किया जा सकेगा।

निर्वाचन आयोग की स्थापना वर्ष 1950 में संविधान लागू करने से ठीक एक दिन पहले हुई थी। देश में करीब एक सौ करोड़ एवं राजस्थान में पांच करोड़ से अधिक मतदाता पंजीकृत हैं। एसआइआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के दौरान करीब 50 लाख मतदाताओं के नाम देश में हटाए गए हैं, जो वास्तव में उस पते पर निवास नहीं करते हैं जो उन्होंने पूर्व में दर्ज करवाया था अथवा देश के नागरिक नहीं है।

उन्होंने एसआइआर के लिए बेहतर काम करने वाले 80 अधिकारियों एवं कर्मचारियों को सम्मानित किया।

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