खनन और परिवहन में फैली गड़बड़ियों पर अब कार्रवाई होना स्वागतयोग्य है, पर सवाल यह है कि क्या व्यवस्था की सफाई यहीं तक सीमित रहेगी या यह शुरुआत भर है?

फतेहपुर में एसटीएफ की बड़ी कार्रवाई: खनन अधिकारी समेत छह पर अवैध वसूली का मुकदमा
फतेहपुर। जिले में मोरंग ट्रकों से अवैध वसूली करने वाले संगठित नेटवर्क पर उत्तर प्रदेश स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने बड़ा शिकंजा कसते हुए खनन विभाग और परिवहन विभाग के अधिकारियों की मिलीभगत का भंडाफोड़ किया है। इस मामले में फतेहपुर के खनन अधिकारी समेत छह लोगों के खिलाफ थरियांव थाना में मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह कार्रवाई एसटीएफ लखनऊ इकाई के निरीक्षक दीपक सिंह की तहरीर पर की गई। दर्ज एफआईआर में खनन अधिकारी फतेहपुर, उनके गनर राजू, आरटीओ के ड्राइवर बबलू पटेल तथा तीन लोकेटर — धीरेन्द्र सिंह, विक्रम और मुकेश तिवारी के नाम शामिल हैं।
जांच में सामने आया कि यह पूरा गिरोह बांदा जिले से आने वाले मोरंग ट्रकों से प्रति ट्रक वसूली करता था। वसूली की राशि मोबाइल नंबरों, बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों से ट्रैक की गई। एसटीएफ को इस दौरान कई ऑडियो रिकॉर्डिंग, लेनदेन के सबूत और डिजिटल दस्तावेज मिले हैं। इन सबूतों के आधार पर कार्रवाई को अंजाम दिया गया।
सूत्रों के अनुसार, वसूली की रकम को विभागीय कर्मचारियों के बीच बांटा जाता था। इस पूरे नेटवर्क में खनन विभाग, परिवहन विभाग और कुछ स्थानीय दलालों की मिलीभगत पाई गई है। एसटीएफ ने अब तक कई लोगों से पूछताछ की है और जांच के अगले चरण में अन्य नामों की पहचान की जा रही है।
एसटीएफ अधिकारियों ने बताया कि यह केवल पहला चरण है, आगे और बड़ी कार्रवाई हो सकती है। उन्होंने कहा कि “प्रदेश में अवैध खनन और वसूली नेटवर्क को पूरी तरह खत्म करने का अभियान जारी रहेगा।”
इस कार्रवाई के बाद जिले के खनन और परिवहन विभागों में हड़कंप मचा हुआ है। अफसरों के बीच चर्चा है कि यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था, जिसकी सूचना मिलते ही एसटीएफ ने गुप्त जांच शुरू की थी।
स्थानीय स्तर पर व्यापारियों और ट्रक ऑपरेटरों ने राहत की सांस ली है। उनका कहना है कि वर्षों से वसूली के कारण परिवहन कार्य कठिन हो गया था। अब एसटीएफ की कार्रवाई से उम्मीद जगी है कि भ्रष्टाचार की यह कड़ी टूटेगी।



