‘आरोप लगाना आसान, सबूत कहां है?’, निज्जर हत्या मामले पर भारतीय उच्चायुक्त की दो टूक; कनाडा को दिया करारा जवाब

भारतीय उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या पर भारत सरकार के खिलाफ कनाडा के आरोपों को सख्ती से खारिज किया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आरोप तभी मान्य होते हैं जब उनके पीछे ठोस सबूत हों, न केवल बयान। पटनायक ने पूछा कि भारत के खिलाफ विश्वसनीय सबूत कहां हैं, और कहा कि कनाडा में कानूनी मामला व्यक्तियों के खिलाफ है, न कि भारत सरकार के खिलाफ।
HighLights
- भारतीय उच्चायुक्त ने निज्जर हत्या आरोपों को सख्ती से खारिज किया।
- कनाडा से ठोस सबूत मांगे, केवल बयानों को नकारा।
- कानूनी मामला व्यक्तियों के खिलाफ, भारत सरकार के नहीं।
भारत के कनाडा में उच्चायुक्त दिनेश पटनायक ने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर की हत्या को लेकर भारत सरकार पर लगाए गए आरोपों को एक बार फिर सख्ती से खारिज किया है। कनाडा के एक टीवी इंटरव्यू में उन्होंने साफ कहा कि आरोप तभी मान्य होते हैं जब उनके पीछे ठोस सबत हों, न कि सिर्फ बयान।
CBC न्यूज के एक कार्यक्रम में बोलते हुए पटनायक ने कहा कि बार-बार विश्वसनीय जानकारी कह देने से कोई आरोप साबित नहीं हो जाता है। उन्होंने पूछा कि आखिर भारत के खिलाफ सबूत कहां हैं। पटनायक ने कहा कि भारत सरकार ने पहले भी इन आरोपों को बेतुका और निराधार बताया है और अब भी वही रुख है। उन्होंने कहा कि आरोप लगाना आसान है, लेकिन उन्हें साबित करना जरूरी होता है।
किसके खिलाफ हैं आरोप?
दिनेश पटनायक ने कहा कि कनाडा में जो कानूनी मामला चल रहा है, उसमें चार व्यक्तियों के खिलाफ आरोप हैं, किसी देश या भारत सरकार के खिलाफ नहीं। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर भारत शामिल था तो अदालत में राज्य के खिलाफ मामला क्यों नहीं है।
उन्होंने यह भी कहा कि भारत पर आरोप कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो और उनकी टीम के बयानों पर आधारित हैं, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई सबूत सामने नहीं रखा गया है। पटनायक ने दो टूक जवाब देते हुए कहा कि भारत हमेशा तैयार है अगर कोई पुख्ता और ठोस सबूत दिए जाए तो उस पर कार्रवाई की जा सकती है, लेकिन बिना सबूत के आरोप स्वीकार नहीं किए जा सकते हैं।
भारतीय उच्चायुक्त ने आरोपों की भाषा पर उठाए सवाल
भारतीय उच्चायुक्त ने आरोपों की भाषा पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसा क्यों माना जाता है कि भारत को खुद साबित करना पड़े,जबकि आरोप लगाने वाले से सबूत नहीं मांगे जाते। उन्होंने कहा कि किसी पर भी आरोप लगाना हो तो उसे सबूत के साथ साबित करना जरूरी है।
भारत-कनाडा का रिश्ता
गौरतलब है कि भारत और कनाडा के रिश्तों में बीते कुछ वर्षों से तनाव है। भारत का आरोप रहा है कि कनाडा खालिस्तानी अलगाववादी तत्वों के खिलाफ सख्त कदम नहीं उठाता है। कनाडा ने 2023 में दावा किया था कि भारत से जुड़े एजेंट्स ने कनाडा में एक गुरुद्वारे के बाहर निज्जर की हत्या करवाई। भारत ने इन आरोपों को शुरू से ही राजनीतिक मकसद से प्रेरित और निराधार बताया है।



