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Jaipur News: निवेश के नाम पर की लाखों की ठगी फिर अश्लील वीडियो बनाकर किया ब्लैकमेल, महिला समेत दो हिरासत में

 निवेश के नाम पर लाखों की ठगी और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेलिंग का मामला, महिला समेत दो आरोपी गिरफ्तार

जयपुर शहर में मुरलीपुरा थाना पुलिस ने एक संगठित ब्लैकमेलिंग गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस गिरोह ने निवेश के नाम पर निर्दोष लोगों से लाखों रुपये ऐंठने के बाद, उन्हें अश्लील वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया था। इस मामले में महिला सहित दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पहले भी कई लोगों को इसी तरह से ठग चुका है और अब तक कई लाखों रुपये की ठगी करने में सफल रहा है।

घटना का प्रारंभ:

मामला किशनलाल जाट (उम्र 59), निवासी मानसरोवर, जयपुर का है। किशनलाल ने मुरलीपुरा थाना पुलिस को रिपोर्ट दी कि दो लोग—सुनील लालवानी उर्फ सनी और उसकी साथी नेहा कुमावत—ने पहले निवेश के बहाने उससे पैसे लिए। किशनलाल ने बताया कि आरोपियों ने पहले उसे निवेश का लालच देकर अपनी योजना में फंसाया। शुरुआती संपर्क में आरोपियों ने निवेश की योजनाओं के आकर्षक दावे किए और किशनलाल को भरोसा दिलाया कि इससे वह जल्दी और सुरक्षित मुनाफा कमा सकता है।

किशनलाल ने आरोप लगाया कि उसने आरोपियों को लाखों रुपये निवेश के रूप में दिए। शुरुआती लेनदेन में आरोपियों ने उसे विश्वास दिलाया कि पैसे सुरक्षित हैं और जल्द ही लाभ मिलेगा। इसी विश्वास का फायदा उठाकर आरोपियों ने आगे की योजना बनाई।

अश्लील वीडियो बनाना और ब्लैकमेलिंग की योजना:

पुलिस की रिपोर्ट के अनुसार, पैसे लेने के बाद आरोपियों ने किशनलाल को होटल जयपुर इन बुलाया। वहां उसे बेहोश कर अश्लील वीडियो बनाया गया। आरोपी ने महिला की मदद से वीडियो को रिकॉर्ड किया और किशनलाल को धमकी दी कि यदि उसने पैसे नहीं दिए, तो यह वीडियो और फोटो इंटरनेट पर वायरल कर दिया जाएगा।

आरोपियों ने वीडियो और फोटो को एडिट कर किशनलाल को भेजा और बार-बार पैसे की मांग की। किशनलाल के लिए यह मानसिक और भावनात्मक रूप से बेहद कष्टकारी था। आरोपियों ने उसे डराया और मानसिक दबाव डालते हुए लाखों रुपये की फिरौती की मांग की।

पुलिस को मिली सूचना और योजना:

किशनलाल ने अपने परिजनों के साथ मिलकर पुलिस को घटना की जानकारी दी। मुरलीपुरा थाना पुलिस ने तुरंत इस मामले की गंभीरता को समझते हुए जांच शुरू की। पुलिस उपायुक्त जयपुर पश्चिम हनुमान प्रसाद ने बताया कि यह गिरोह उच्चवर्गीय ठगी और ब्लैकमेलिंग में सक्रिय था।

पुलिस ने आरोपियों की गतिविधियों पर गुप्त निगरानी शुरू की। इसके तहत मोबाइल डेटा, होटल के सीसीटीवी फुटेज, और डिजिटल सबूत जुटाए गए। टीम ने आरोपियों की लोकेशन ट्रैक की और जाल बिछाकर उन्हें पकड़ने की योजना बनाई।

जाल बिछाकर गिरफ्तारी:

पुलिस ने किशनलाल को इसके लिए स्टाम्प पेपर पर समझौता करने के बहाने बुलाया। आरोपियों ने 500 रुपये के स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करने के लिए किशनलाल को बुलाया। जैसे ही आरोपियों ने पैसे लेने और स्टाम्प पेपर पर हस्ताक्षर करने का प्रयास किया, पुलिस ने रंगे हाथों दोनों आरोपियों—सुनील लालवानी और नेहा कुमावत—को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपियों का विवरण:

  • सुनील लालवानी उर्फ सनी (37), निवासी दधिची नगर, मुरलीपुरा, जयपुर।

  • नेहा कुमावत (24), निवासी दौलतसिंहपुरा, हाल मंगलम आधार, वैशाली नगर, जयपुर।

पुलिस ने मौके से 1 लाख रुपये नकद और स्टाम्प पेपर बरामद किए।

जांच और कानूनी कार्रवाई:

मुरलीपुरा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारी संख्या में भारतीय दंड संहिता की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। जांच में पुलिस ने मोबाइल डेटा, होटल के सीसीटीवी फुटेज, डिजिटल साक्ष्यों और अन्य प्रमाण जुटाए हैं।

थानाधिकारी वीरेन्द्र कुरील ने मामले की अगुवाई की। टीम में झाबरमल, सन्नी, पूरणमल, राजेश कुमार और महिला कांस्टेबल संतोष माकनी शामिल थे।

पुलिस का कहना है कि यह गिरोह पहले भी कई लोगों को निवेश के बहाने फंसाकर ब्लैकमेल करता रहा है। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी अपने शिकार को मानसिक रूप से कमजोर करने के लिए विभिन्न रणनीतियाँ अपनाते थे।

सामाजिक और कानूनी पहलू:

विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के मामले समाज में डर और भय का माहौल बनाते हैं। निवेश और आर्थिक लेनदेन में लोगों को सावधान रहना चाहिए। गलत लोगों पर भरोसा करना खतरनाक साबित हो सकता है।

कानूनी दृष्टि से देखा जाए तो, यह मामला ठगी, ब्लैकमेलिंग, मानसिक उत्पीड़न, और अश्लील सामग्री बनाने एवं फैलाने से जुड़ा है। भारतीय कानून में ऐसे मामलों में कड़ी सजा का प्रावधान है। पुलिस का कहना है कि आरोपी को न्यायालय में पेश किया जाएगा और कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

निष्कर्ष:

जयपुर पुलिस ने इस मामले में तेजी दिखाते हुए अपराधियों को गिरफ्तार किया। यह घटना समाज के लिए चेतावनी है कि निवेश के नाम पर आने वाले लोगों से सावधान रहना चाहिए। इस तरह के गिरोह मानसिक और आर्थिक दोनों रूप से हानि पहुँचाने में सक्षम होते हैं।

सुझाव और सावधानी:

  • किसी भी निवेश के प्रस्ताव को स्वच्छ और भरोसेमंद स्रोत से ही स्वीकार करें।

  • किसी अजनबी व्यक्ति या महिला/पुरुष के बहकावे में आकर पैसे न दें।

  • यदि ब्लैकमेलिंग या ठगी का सामना हो, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें।

  • डिजिटल और मोबाइल डेटा को सुरक्षित रखें और कोई भी संवेदनशील जानकारी अजनबी को साझा न करें।

इस घटना ने यह स्पष्ट किया कि जयपुर में ठगी और ब्लैकमेलिंग के मामले गंभीर रूप से बढ़ रहे हैं। पुलिस की सक्रियता और तकनीकी साधनों का उपयोग ही ऐसे अपराधों पर काबू पाने में कारगर साबित हो रहा है।

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